किरावली (आगरा): किरावली तहसील क्षेत्र में मामूली विवाद ने उस समय हिंसक रूप ले लिया जब एक वरिष्ठ अधिवक्ता और उनके साथी पर जानलेवा हमला कर दिया गया। घटना वरिष्ठ अधिवक्ता मोरध्वज सिंह इन्दौलिया के घर के ठीक सामने हुई, जहाँ कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद पाँच लोगों ने उन पर हमला बोला।

विवाद का कारण
शिकायतकर्ता अधिवक्ता मोरध्वज सिंह इन्दौलिया के अनुसार, यह घटना शाम करीब 6 बजे की है जब वे तहसील से अपने घर लौट रहे थे। उनके घर के दरवाजे के सामने बिना नंबर की एक स्विफ्ट कार खड़ी थी। जब उन्होंने कार चालक से गाड़ी हटाने का अनुरोध किया, तो चालक अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा और गाड़ी हटाने से साफ इनकार कर दिया।

सुनियोजित हमला
कहासुनी बढ़ने पर कार सवार चालक के दो अन्य साथी डंडे लेकर बाहर निकले। उन्होंने अधिवक्ता मोरध्वज सिंह और उनके साथ मौजूद प्रेमवीर (पुत्र विनोद कुमार) पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इसी दौरान कार से दो महिलाएं भी बाहर आईं और सभी पाँचों हमलावरों ने मिलकर प्रेमवीर को जमीन पर गिरा दिया।
हमलावरों ने प्रेमवीर की गर्दन दबाने की कोशिश की और डंडों व लात-घूंसों से उसके सिर, कान और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हमले में अधिवक्ता और प्रेमवीर दोनों को गंभीर चोटें आई हैं।
भीड़ को देख धमकी देते हुए भागे हमलावर
झगड़ा और शोर सुनकर स्थानीय लोग, जिनमें राजेंद्र और रामू सिकरवार शामिल थे, मौके पर जमा हो गए। लोगों की बढ़ती संख्या देख हमलावर अपनी कार छोड़कर भागने लगे। भागते समय उन्होंने धमकी देते हुए कहा, “एक तो मर गया, इस वकील को भी किसी दिन ठिकाने लगा देंगे।”
पुलिस की कार्रवाई
मौके पर मौजूद भीड़ ने साहस दिखाते हुए एक हमलावर को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एक नामजद आरोपी और दो महिलाओं सहित चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस फिलहाल फरार आरोपियों की तलाश और मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

