फतेहपुर सीकरी। थाना क्षेत्र के ग्राम मई बुजुर्ग में बुधवार की रात उस समय हड़कंप मच गया, जब एक शादी समारोह के बीच पुलिस और जिला प्रोबेशन टीम ने दस्तक दे दी। पिता की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने दूल्हे की उम्र निर्धारित आयु से कम होने के कारण विवाह रुकवा दिया।

पारिवारिक विवाद बना वजह
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम मई बुजुर्ग निवासी सफदर और इकबाल आपस में साडू हैं। सफदर का अपनी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा है। इस विवाद के चलते सफदर की पत्नी अपने 20 वर्षीय पुत्र मोनू के साथ ग्वालियर में रहती है, जबकि दो अन्य बच्चे पिता सफदर के साथ गांव में ही रहते हैं।
विवाद तब गहरा गया जब सफदर की पत्नी ने पुत्र मोनू का विवाह अपने जीजा की 22 वर्षीय पुत्री फिजा से तय कर दिया। पिता सफदर इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन पत्नी शादी करने की जिद पर अड़ी रही।

पिता ने दी विभाग को सूचना
बुधवार को शादी की रस्में चल रही थीं और मेहमान दावत का लुत्फ उठा रहे थे। इसी बीच पिता सफदर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना दी कि उनके पुत्र की उम्र विवाह के लिए निर्धारित कानूनी आयु से कम है। सूचना मिलते ही जिला प्रोबेशन टीम थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई।
जांच में दूल्हा निकला ‘अंडरएज’
पुलिस की मौजूदगी देख शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। टीम ने जब दूल्हा और दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की, तो पाया कि:
- दुल्हन (फिजा): उम्र 22 वर्ष (इंटरमीडिएट शिक्षित)।
- दूल्हा (मोनू): उम्र मात्र 20 वर्ष।
पूछताछ के दौरान दुल्हन ने बताया कि उसे लड़के की सही उम्र की जानकारी नहीं थी।
लिखित आश्वासन के बाद रुकी शादी
कानूनी रूप से लड़के की शादी की उम्र 21 वर्ष अनिवार्य होने के कारण, जिला प्रोबेशन टीम और पुलिस ने लड़की पक्ष को कानून का हवाला देते हुए समझाया। टीम की समझाइश के बाद दोनों पक्ष शादी रोकने पर राजी हो गए। पुलिस ने इस संबंध में लिखित आश्वासन लेकर विवाह रुकवा दिया और टीम वापस लौट गई।

