किरावली (आगरा)। किरावली की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘प्राचीन कंस मेला’ शुक्रवार को बैंड-बाजे और धार्मिक उल्लास के साथ शुरू हो गया। मेले का विधिवत उद्घाटन समाजसेवी भूपसिंह इंदौलिया ने फीता काटकर और डोल की विधि-विधान से आरती उतारकर किया। इस दौरान समूचा क्षेत्र जयकारों से गूंज उठा।

आकर्षण का केंद्र रहीं एक दर्जन झांकियां
मेले के शुभारंभ पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा में करीब एक दर्जन मनमोहक झांकियां शामिल रहीं। इसमें भगवान राम-सीता-लक्ष्मण, शिव तांडव, मां दुर्गा, और महर्षि परशुराम के स्वरूपों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही, महाराजा सूरजमल की शौर्य गाथा और कंस के पुतले की झांकी विशेष चर्चा में रही। राजस्थान के कुम्हेर से आए ढोल-नगाड़ों और ‘बम्ब’ के प्रदर्शन ने मेले में राजस्थानी लोक संस्कृति की अनूठी छटा बिखेरी, जो दर्शकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी।

संस्कृति और भाईचारे का प्रतीक है मेला: भूपसिंह इंदौलिया
उद्घाटन के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाजसेवी भूपसिंह इंदौलिया ने कहा कि ये मेले केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की समृद्ध संस्कृति और आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। उन्होंने रास्ते में चेयरमैन जगदीश इंदौलिया का भव्य स्वागत और सम्मान भी किया।
आज होगा विशाल कुश्ती दंगल
मेला संयोजक होलू पहलवान और अध्यक्ष नरेश इंदौलिया ने बताया कि मेले की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार दोपहर 1:00 बजे से मौनी बाबा मंदिर स्थित मिनी ग्रामीण स्टेडियम में एक विशाल कुश्ती दंगल का आयोजन किया जाएगा। इस दंगल में देश के नामी-गिरामी पहलवान अपनी कुश्ती कला का प्रदर्शन करेंगे, जिसमें कई बड़ी और रोचक कुश्तियां देखने को मिलेंगी।

ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित
इस भव्य आयोजन के दौरान संयोजक होलू पहलवान, अध्यक्ष नरेश इंदौलिया, अमरपाल सिंह मुखिया, गजेंद्र पहलवान, मुकेश पहलवान, देवेंद्र पहलवान, जुगेंद्र पहलवान, रामनरेश इंदौलिया, पिंकी सरपंच, पिंकी मास्टर, डोरीलाल इंदौलिया, हरिसिंह सूबेदार, भूपेंद्र सिंह इंदौलिया, अजय सिंह एडवोकेट, पवन इंदौलिया, मौहर सिंह सरपंच, मनीष इंदौलिया, सुखवीर सिंह इंदौलिया, श्याम हरी शर्मा, गिरीश इंदौलिया, प्रदीप इंदौलिया, पवन सिंह इंदौलिया सहित मेला कमेटी के तमाम पदाधिकारी और क्षेत्रीय लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

