आगरा। निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों के आर्थिक शोषण और एनसीईआरटी (NCERT) पुस्तकों की अनदेखी के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को यूनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी ओमवीर सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने आगरा के बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) से मुलाकात कर स्कूल प्रबंधकों की मनमानी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रमुख बिंदु: शिकायत में उठाए गए सवाल
- NCERT पुस्तकों की अनदेखी: ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद स्कूल प्रबंधक एनसीईआरटी की सस्ती पुस्तकें लागू नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, भारी कमीशन के चक्कर में अन्य प्रकाशकों की महंगी किताबें छात्रों पर थोपी जा रही हैं।
- अभिभावकों पर दबाव: अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही मनमाने दामों पर किताबें, कॉपियां और ड्रेस खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है।
- प्रशासन की चुप्पी:किसान यूनियन ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन की नाक के नीचे नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, लेकिन अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
चेतावनी: कार्रवाई न होने पर होगा आंदोलन
चौधरी ओमवीर सिंह ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा:
“निजी स्कूल प्रबंधक शिक्षा को व्यापार बनाकर खुलेआम लूट मचा रहे हैं। अगर बीएसए कार्यालय द्वारा इन स्कूलों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति सड़कों पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होगी।”
इस दौरान यूनियन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में अभिभावकों के हितों की रक्षा करने और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने की मांग की।
