खबर : शनि कश्यप रिपोर्टर आगरा सदर
आगरा। ताजनगरी में पुलिस कमिश्नरेट आगरा की थाना ट्रांस यमुना पुलिस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने धोखे से गाड़ियाँ किराए पर लेकर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के आधार पर गिरवी रखने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है और उनकी निशानदेही पर विभिन्न स्थानों से कुल 12 चार पहिया वाहन बरामद किए हैं।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिराना ढंग से काम करता था। गिरोह के सदस्य भोले-भले गाड़ी मालिकों को 25,000 से 30,000 रुपये प्रति माह किराए का लालच देकर उनकी गाड़ियाँ अनुबंध (Agreement) पर लेते थे। इसके बाद, गिरोह के सदस्य गाड़ी के असली कागजों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी आईडी और आधार कार्ड तैयार करते थे। इन जाली दस्तावेजों के सहारे वे उन गाड़ियों को दूसरे लोगों के पास 3 से 4 लाख रुपये में गिरवी रख देते थे और मिलने वाले पैसों को आपस में बांट लेते थे।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से भारी मात्रा में माल बरामद किया है:
- कुल 12 कारें: (वैगन-आर, मारुति इको, अर्टिगा, स्विफ्ट डिजायर, टाटा जेस्ट, टाटा टियागो, और ऑरा आदि)।
- 02 आधार कार्ड की छायाप्रति।
- 01 कूटरचित (जाली) आधार कार्ड।
- 01 मोबाइल फोन।
- 01 स्टांप पेपर।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
- धीरजा कुमार पुत्र पदम चंद्र (निवासी: सीता नगर, रामबाग, थाना एत्माद्दौला, आगरा)।
- हनुमंत सिंह पुत्र ललक सिंह (निवासी: अग्रसेन पुरम, थाना ट्रांस यमुना, आगरा)।
इसके अलावा पुलिस पुष्पेन्द्र (निवासी: सादाबाद, हाथरस) नामक वांछित अभियुक्त की तलाश कर रही है, जो इस पूरे खेल का हिस्सा बताया जा रहा है।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना अध्यक्ष थाना ट्रांस यमुना हेन्द्र कुमार, उप-निरीक्षक विक्रम सिंह, उप-निरीक्षक अमित कुमार, उप-निरीक्षक लविश नागर, और मुख्य आरक्षी मोहित कुमार सहित अन्य जवान शामिल रहे।

