रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
अछनेरा (आगरा)। थाना अछनेरा क्षेत्र के अंतर्गत पुलिसकर्मियों की बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के विधानसभा सचिव लोकेंद्र सिंह ने पुलिसकर्मियों पर थाने के अंदर मारपीट करने, मोबाइल तोड़ने और सोने की चेन व नकदी छीनने का गंभीर आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
गैस एजेंसी पर विवाद के बाद शुरू हुआ घटनाक्रम
पीड़ित लोकेंद्र सिंह निवासी ग्राम कठवारी के अनुसार, 9 अप्रैल को वह कमला गैस एजेंसी पर घरेलू सिलेंडर लेने गए थे। वहां केवाईसी (e-KYC) को लेकर स्टाफ से हो रही कहासुनी के दौरान मौके पर पहुंचे 2-स्टार पुलिसकर्मी प्रखर कुमार व अन्य पुलिसकर्मी उन्हें और उनके साथियों सुमित व कृष्णवीर को जबरन थाने ले आए।
आरोप के अनुसार : चौकी इंचार्ज अनुज कुमार की हिदायत पर उसे सुबह 11:00 बजे हिरासत में लेने के बाद से शाम तक भूखा रखा गया।
थाने के अंदर ‘थर्ड डिग्री’ देने का आरोप
शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया है कि थाने के अंदर पुलिसकर्मियों ने लोकेंद्र सिंह के साथ अमानवीय व्यवहार किया। पीड़ित का आरोप है कि:
- पुलिसकर्मियों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें गिराकर पीटा।
- विरोध करने पर मुँह में डंडा घुसा दिया, जिससे गले के अंदर गंभीर चोट आई।
- कंधे पर बूट (जूता) रखकर दबाया गया, जिससे असहनीय दर्द बना हुआ है।
- कृष्णवीर द्वारा वीडियो बनाने पर उसका फोन छीनकर साक्ष्य मिटाने के लिए जबरन वीडियो डिलीट कर दिया गया।
लूट और अभद्रता के गंभीर आरोप
पीड़ित ने बताया कि इस दौरान उनका करीब 22,500 रुपये का मोबाइल तोड़ दिया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनकी जेब में रखे 12,300 रुपये और गले से 11.5 ग्राम सोने की चेन भी निकाल ली। लोकेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपना परिचय ‘आजाद समाज पार्टी’ के विधानसभा सचिव के रूप में दिया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने एक न सुनी और शांति भंग (धारा 151) के तहत उनका चालान कर दिया।
न्याय की मांग
लोकेंद्र सिंह ने थाना अध्यक्ष को दी तहरीर में दोषी पुलिसकर्मियों प्रखर कुमार, अनुज कुमार व अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पीड़ित ने शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई और मेडिकल जांच कराने का अनुरोध किया है।
वहीं दूसरी ओर थाना अछनेरा प्रभारी देवेंद्र द्विवेदी ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा है कि यह कार्रवाई गैस एजेंसी पर हुई तोड़फोड़ और पुराने मुकदमों के आधार पर विधिवत की गई है।”

