आगरा (सैयां): पुलिस कमिश्नरेट आगरा की स्वाट और सैयां थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को महज 48 घंटों के भीतर सुलझाते हुए हत्यारों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। खेत में मिले अधजले शव की पहचान मृतक के हाथ पर गुदे नाम से हुई, जिसके बाद कड़ियां जुड़ती गईं और प्रेम प्रसंग में रची गई खौफनाक साजिश का पर्दाफाश हो गया।

बीती 1 अप्रैल को सैयां क्षेत्र के नई आबादी खैरागढ़ रोड निवासी लोकेंद्र अचानक लापता हो गया था। परिजनों की तलाश के दौरान देवी सिंह पुरा मार्ग पर एक खेत में अधजला शव बरामद हुआ। मृतक के भाई शिवचरण ने लोकेंद्र के हाथ पर लिखे नाम से उसकी शिनाख्त की। पुलिस को दी गई तहरीर में शक की सुई लोकेंद्र की पत्नी और गांव के ही महेश प्रजापति पर टिकी, जिनका कथित रूप से अवैध संबंध था।
साजिश और वारदात: शराब के बाद गला घोंटकर जलाया
पूछताछ में मुख्य आरोपी महेश ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि लोकेंद्र को उनके संबंधों की भनक लग गई थी, जो उनके बीच का कांटा बन रहा था।
- 01 अप्रैल: पत्नी ने महेश को सूचना दी कि लोकेंद्र घर से निकल चुका है।
- पीछा और जाल: महेश ने अपने साथी धर्मवीर के साथ मिलकर रास्ते में लोकेंद्र को बाइक पर बैठाया और उसे सैयां पुल के पास एक ठेके पर ले जाकर शराब पिलाई।
- हत्या: नशे की हालत में लोकेंद्र को सैयां-पुरा महाराज सिंह के कच्चे रास्ते पर ले जाकर आरोपियों ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने पेट्रोल और गेहूं के पूले (पराली) डालकर शव को जलाने की कोशिश की।
पुलिस की फुर्ती: 24 घंटे में दबोचे गए हत्यारे
एसीपी सैयां और डीसीपी पश्चिम के निर्देशन में गठित 5 टीमों ने सर्विलांस, कॉल डिटेल (CDR) और मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने सैयां-खैरागढ़ रोड और ग्राम पुरा महाराज सिंह से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी:
- महेश प्रजापति (प्रेमी) – निवासी पुरा महाराज सिंह।
- धर्मवीर कुशवाहा (सहयोगी) – निवासी ग्राम दिगरौता।
- मृतक की पत्नी (साजिशकर्ता)।
बरामदगी:
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन, वारदात के समय पहने हुए खून के धब्बे लगे कपड़े और मृतक का पर्स, आईडी कार्ड व 140 रुपये बरामद किए हैं।
पुलिस टीम की सफलता: इस सफल अनावरण में थाना प्रभारी सैयां गुरुविन्द्र सिंह, एसओजी प्रभारी सचिन कुमार, सर्विलांस प्रभारी अनुज कुमार और उनकी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आरोपियों पर बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

