खबर : शनि कश्यप रिपोर्टर आगरा सदर
आगरा (खेरागढ़): ताजनगरी के सैंया क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन का रूप ले चुका है। क्षेत्र में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) विजय कुमार और लाइनमैन हरिश्चंद्र पर ‘अवैध वसूली’ और ‘सत्ता के दुरुपयोग’ के गंभीर आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने एकजुट होकर संयुक्त मोर्चा खोल दिया है।
सबूतों के साथ जिलाधिकारी से शिकायत
सैंया में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीणों ने साझा तौर पर जेई विजय कुमार की ‘दादागिरी’ पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का आरोप है कि जेई और लाइनमैन मिलकर अवैध उगाही कर रहे हैं। इस संबंध में ग्रामीणों ने बताया कि वे पर्याप्त सबूतों के साथ 15 अप्रैल को जिलाधिकारी (DM) आगरा को लिखित शिकायत सौंप चुके हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पूर्व में विभाग के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
विरोध करने पर झूठे मुकदमों की धमकी
बैठक में उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि जेई विजय कुमार विरोध करने वालों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं। हाल ही में एक पूर्व सैनिक कैलाश चंद शर्मा के बेटे के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए ग्रामीणों ने बताया कि अवैध वसूली का विरोध करने पर उसके खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के पूर्व सैनिकों और स्थानीय निवासियों में भारी क्षोभ व्याप्त है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात और आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक भ्रष्ट अधिकारियों का निलंबन नहीं हो जाता, वे शांत नहीं बैठेंगे। रणनीति के तहत:
- ग्रामीण जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाएंगे।
- एक बार पुनः जिलाधिकारी और बिजली विभाग के सक्षम अधिकारियों से मिलकर तत्काल कार्रवाई की मांग की जाएगी।
- यदि सुनवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण बड़े स्तर पर धरना, प्रदर्शन और आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति
इस विरोध बैठक में मुख्य रूप से हेमसिंह, विजय सिंह, मनोज कुमार, लाखन सिंह, रामवतार, शंकरलाल, प्रताप सिंह कुशवाह, राजू जाटव, महावीर प्रसाद, हीरा त्यागी, श्री कांत शर्मा, राजबीर सिंह समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल रहे। सभी ने एक स्वर में सरकार से सवाल पूछा कि आखिर ऐसे ‘भ्रष्ट और तानाशाह’ अधिकारियों को संरक्षण क्यों दिया जा रहा है?

