रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा)। रेल परियोजनाओं के कारण बाधित हुए आवागमन और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से मिढ़ाकुर क्षेत्र के ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे गया है। पुल, फाटक और फुट ओवरब्रिज (FOB) की मांग को लेकर किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने हुंकार भर दी है। यदि 30 अप्रैल तक मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो 1 मई से आगरा-जयपुर हाईवे स्थित नानपुर मोड़ पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

गांव-गांव जल रही आंदोलन की अलख
सोमवार को आंदोलन की तैयारियों को लेकर किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने गांव सहारा और नानपुर में सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रशासन की हीलाहवाली के कारण क्षेत्र का विकास और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
“हमने जिलाधिकारी को अपनी समस्याओं से अवगत करा दिया है। अब समय आश्वासन का नहीं, समाधान का है। अगर 30 अप्रैल तक हमारी राहें नहीं खुलीं, तो एक मई से हाईवे पर बड़ा आंदोलन होगा।” — चौधरी दिलीप सिंह (किसान नेता)
क्या हैं प्रमुख मांगें?
ग्रामीणों की नाराजगी रेल परियोजनाओं से जुड़ी इन तीन मुख्य मांगों को लेकर है:
- चकमार्ग और गूल निर्माण: चकमार्ग संख्या 980 और गूल संख्या 989 पर पुल का निर्माण।
- फाटक संख्या 62ए: आगरा-बयाना रेल लाइन के आगरा राजवाह स्थित फाटक संख्या 62ए पर ROB (रेल ओवरब्रिज) या RUB (रेल अंडरब्रिज) का निर्माण।
- एफओबी (FOB) का स्थानांतरण: मिढ़ाकुर रेलवे स्टेशन पर फुट ओवरब्रिज को उपयोगी स्थान पर स्थानांतरित करना, ताकि यात्रियों को सुविधा हो।
प्रशासनिक आश्वासन पर टिकी नजरें
बता दें कि बीते गुरुवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात की थी। डीएम ने आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह के भीतर रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा। हालांकि, ग्रामीण अब किसी भी ढिलाई के मूड में नहीं हैं और उन्होंने आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली है।
जनसंपर्क के दौरान ये रहे मौजूद: इस अभियान में मुख्य रूप से सुरेंद्र सोलंकी, दिलीप सोलंकी, अश्वनी, लवकेश सोलंकी, अमित कुमार, दीपक सोलंकी, रोहित सोलंकी, आदित्य सोलंकी, कृष्णा, विवेक सोलंकी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।

