रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा। सहकारिता विभाग में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, घोटालों और अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ आगरा के किसानों ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो 30 अप्रैल को 5 किसान लखनऊ विधानसभा के सामने आत्मदाह करेंगे।
करोड़ों के छात्रवृत्ति और खाद घोटाले का आरोप
किसान नेताओं ने विभाग पर एक नहीं बल्कि कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
- छात्रवृत्ति घोटाला: लक्ष्मी नारायण बघेल ने आरोप लगाया कि 1998 से 2016 के बीच गरीब बच्चों के लिए आई करीब 22 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति में बड़ा गबन हुआ है। न बच्चों को पैसा मिला, न सरकार को वापस गया।
- डीएपी और शेयर मनी में खेल: लाखन सिंह त्यागी के अनुसार, गोदाम भरे होने के बावजूद किसानों को महंगी खाद खरीदने पर मजबूर किया गया। वहीं, समितियों में जमा किसानों की करोड़ों की शेयर मनी का लाभांश भी डकार लिया गया।
- आरटीआई में फर्जीवाड़ा: श्याम सिंह चाहर ने आरोप लगाया कि 4800 रुपये जमा करने के बाद भी सूचना नहीं दी गई और फाइलों में हेराफेरी की जा रही है।

“धमकियां दी जा रही हैं, अब चुप नहीं बैठेंगे”
किसान नेता मुकेश पाठक ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाती है, तो अधिकारी किसान नेताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देते हैं। किसानों का आरोप है कि सामान्य निकाय की बैठकों में पारदर्शिता के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।
प्रशासनिक आश्वासन और आत्मदाह की चेतावनी
हालांकि जिलाधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन किसान अब मौखिक बातों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं। आत्मदाह की चेतावनी देने वालों में मुकेश पाठक, श्याम सिंह चाहर सहित तीन अन्य किसान शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी अनहोनी की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे: इस दौरान सुरेंद्र कुमार, विश्वार सिंह, पंकज कुमार, जयप्रकाश, शाकिर खान, महताब सिंह, गजेंद्र सिंह चाहर, वीएस चाहर, मुरारी लाल सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे।

