रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर मचा घमासान अब लखनऊ के गलियारों तक पहुँच गया है। आगरा ग्रामीण से विधायक और कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जनता की आवाज को सीधे मुख्यमंत्री के सामने कैबिनेट बैठक में बुलंद किया। मंत्री के कड़े रुख के बाद सरकार ने स्मार्ट मीटरों की जांच के आदेश दे दिए हैं और उपभोक्ताओं को पोस्टपेड व्यवस्था बहाल करने का बड़ा आश्वासन दिया है।

कैबिनेट में गूँजी जनता की पीड़ा
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में बेबी रानी मौर्य ने बिजली बिलों में आ रही धांधली और स्मार्ट मीटरों की अनियंत्रित रफ्तार का मुद्दा उठाया। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि:
“स्मार्ट मीटरों को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। बिलिंग में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी के कारण लोगों का सरकार पर से विश्वास कम हो रहा है। यदि इसका तुरंत समाधान नहीं हुआ, तो यह असंतोष एक बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।”
ऊर्जा मंत्री का बड़ा फैसला: अब नहीं लगेंगे नए मीटर
कैबिनेट मंत्री की दलीलों और मुख्यमंत्री की गंभीरता को देखते हुए ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बैठक में ही महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- रोक: फिलहाल प्रदेश के किसी भी जनपद में नए स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे।
- पोस्टपेड बहाली: उपभोक्ताओं को प्रीपेड की दिक्कतों से राहत देते हुए बिलिंग व्यवस्था को फिर से पोस्टपेड किया जाएगा।
- सख्त जांच: स्मार्ट मीटरों की रीडिंग और सॉफ्टवेयर की गहन जांच होगी।
दोषी कंपनियां होंगी ब्लैकलिस्ट
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या जानबूझकर की गई बिलिंग गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सरकार ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
आगरा के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर
आगरा में स्मार्ट मीटरों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन हो रहे थे। मंत्री बेबी रानी मौर्य की इस पहल को आगरा की जनता के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। अब उपभोक्ताओं को अचानक कटने वाली बिजली और मनमाने बिलों से मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है।

