किरावली (आगरा)। प्रकृति की मार से बेहाल किरावली और फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के किसानों का धैर्य सोमवार को जवाब दे गया। हाल ही में आई भीषण आंधी-तूफान और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने किरावली तहसील मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा नेता प्रमोद चाहर के नेतृत्व में जुटे किसानों ने उपजिलाधिकारी (SDM) दिव्या सिंह को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर तत्काल राहत की गुहार लगाई।

कुदरत के कहर से किसान पस्त
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने बताया कि बीते 3 अप्रैल की रात को फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में किरावली में कुदरत का कहर बरपा था। तेज आंधी और ओलावृष्टि ने गेहूं व अन्य तैयार फसलों को बिछा दिया। किसानों का कहना है कि साल भर की मेहनत और जमा-पूंजी आंखों के सामने मिट्टी में मिल गई है, जिससे क्षेत्र के अन्नदाता के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसानों की 5 प्रमुख मांगें:
किसानों ने किरावली प्रशासन के सामने स्पष्ट रूप से निम्नलिखित मांगें रखी हैं:
- स्थलीय निरीक्षण: केवल कागजों पर नहीं, बल्कि प्रत्येक खेत पर जाकर सर्वे किया जाए।
- उचित मुआवजा: उन किसानों को प्राथमिकता मिले जिनका पूरा परिवार केवल खेती पर निर्भर है।
- हाई-टेक सर्वे: राजस्व और कृषि विभाग संयुक्त रूप से ड्रोन कैमरे का उपयोग कर नुकसान का सटीक आकलन करें।
- सहकारी समितियों को राहत: कॉपरेटिव सोसायटी ऑलेण्डा के फार्म सदस्यों को भी मुआवजे के दायरे में लाया जाए।
- गुणवत्ता में छूट: बारिश के कारण काली पड़ चुकी गेहूं की फसल का भी उचित आकलन कर राहत दी जाए।
ज्ञापन के समय: “किसानों ने किरावली एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर 25 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजे की मांग की।”
प्रशासन का आश्वासन
किसानों की पीड़ा सुनने के बाद उपजिलाधिकारी किरावली दिव्या सिंह ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रशासन उनके साथ है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को सर्वे और आवश्यक कार्यवाही के लिए तुरंत निर्देशित किया जा रहा है ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द सरकारी सहायता मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिन्होंने साफ किया कि यदि जल्द सर्वे और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो वे आगे का रुख करेंगे।

