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किसानों की बदहाली पर भारतीय किसान संघ का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री को भेजा अल्टीमेटम

ByKarmveer Singh

Apr 14, 2026
किसानों की बदहाली पर भारतीय किसान संघ का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री को भेजा अल्टीमेटमकिसानों की बदहाली पर भारतीय किसान संघ का हल्ला बोल, मुख्यमंत्री को भेजा अल्टीमेटम
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खबर : शनि कश्यप रिपोर्टर आगरा सदर

आगरा। जनपद में किसानों की समस्याओं और उनकी बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर भारतीय किसान संघ ने कड़ा रुख अपना लिया है। संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसानों को तत्काल राहत और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिला, तो प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

संकट में अन्नदाता: कर्ज और नुकसान की दोहरी मार

भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की है कि वर्तमान में किसान वर्ग चौतरफा संकट से घिरा हुआ है। संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार का ध्यान निम्नलिखित समस्याओं की ओर खींचा:

  • लागत में वृद्धि और गिरते दाम: लगातार बढ़ती खेती की लागत और फसलों के गिरते बाजार भाव ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
  • प्रशासनिक लापरवाही: आरोप लगाया गया है कि संबंधित विभागों की उदासीनता के कारण सरकारी योजनाएं और राहत जमीनी स्तर पर पात्र किसानों तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
  • आजीविका का संकट: कर्ज के बोझ और प्राकृतिक आपदाओं के कारण किसान आर्थिक रूप से पूरी तरह चरमरा गया है।

प्रमुख मांगें: ‘MSP और राहत पैकेज’ पर जोर

संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए निम्नलिखित कदम तुरंत उठाए जाएं:

  1. MSP की गारंटी: किसानों की सभी फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित किया जाए।
  2. आपदा मुआवजा: हालिया प्राकृतिक आपदाओं से हुई फसल क्षति की तत्काल भरपाई और उचित मुआवजा दिया जाए।
  3. विशेष राहत पैकेज: किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए सरकार विशेष राहत पैकेज की घोषणा करे।
  4. अधिकारियों की जवाबदेही: लापरवाह अधिकारियों को सख्त निर्देश देकर जमीनी सुधार सुनिश्चित किए जाएं।

“मांगें पूरी नहीं हुई तो होगा आंदोलन”

भारतीय किसान संघ ने शासन-प्रशासन को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है कि किसानों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए। यदि सरकार जल्द ही इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करने को मजबूर होगा।

“किसान आज अपनी ही उपज का सही मोल पाने के लिए दर-दर भटक रहा है। प्रशासन की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मुख्यमंत्री जी ने जल्द संज्ञान नहीं लिया, तो हम उग्र आंदोलन की राह अपनाएंगे।” > — संघ प्रतिनिधि

प्रदर्शन में ये रहे शामिल: इस दौरान रामेश्वर सिंह तोमर, नरेंद्र धाकरे, प्रशांत सिकरवार, गोविंद रावत, संजीव शर्मा, मालिखान सिंह, नरेश सिंह, सिखा, राजू तिवारी सहित संघ के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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