रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा: सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद शुरू हुए दो सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन तकनीकी खामियां और सत्यापन की सुस्त रफ्तार किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। इस समस्या के समाधान हेतु मंगलवार को भाजपा नेता प्रमोद चाहर के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी अरविंद मल्लपा बंगारी से मुलाकात की और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।
पोर्टल पर सत्यापन न होने से अटकी खरीद
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में प्रमोद चाहर ने बताया कि किसान तहसील स्तर के पोर्टल पर अपना पंजीकरण तो करा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों द्वारा सत्यापन (Verification) न किए जाने के कारण उनका गेहूं सरकारी केंद्रों पर नहीं तुल पा रहा है। सत्यापन की इस प्रक्रिया में देरी के कारण किसानों को काफी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मंडी में ओने-पौने दाम पर बेचने की मजबूरी
भाजपा नेता ने कहा कि 1 अप्रैल से खरीद केंद्र खुल चुके हैं और एफसीआई (FCI) व पीसीएफ (PCF) केंद्रों पर बारदाना भी उपलब्ध है, लेकिन सत्यापन के अभाव में किसान सरकारी लाभ से वंचित हैं। उन्होंने बताया:
“मजबूरन किसानों को अपना गेहूं मंडियों में ₹2200 प्रति क्विंटल जैसे ओने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है, जबकि सरकारी दर इससे अधिक है।”
प्रमुख माँगें जो ज्ञापन में रखी गईं:
- प्रभावित गेहूं की खरीद: ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश के कारण जो गेहूं काला या हल्का हो गया है, उसे भी सरकारी दर पर खरीदा जाए।
- दलालों पर नकेल: बाजरा खरीद की तर्ज पर गेहूं खरीद केंद्रों के आसपास सक्रिय बिचौलियों और दलालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- त्वरित सत्यापन: तहसील स्तर पर लंबित सत्यापन की प्रक्रिया को तुरंत पूरा कर खरीद शुरू कराई जाए।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
इस दौरान प्रमुख रूप से श्यामवीर सिंह, पूर्व प्रधान सुखवीर सिंह, गंगाप्रसाद, कप्तान सिंह सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे। जिलाधिकारी अरविंद मल्लपा बंगारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश देते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।

