फतेहपुर सीकरी (आगरा): राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता के दावों के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) फतेहपुर सीकरी से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ तैनात एक फार्मासिस्ट पर अवैध रूप से धन उगाही कर और अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का गंभीर आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता जब सीएचसी फतेहपुर सीकरी में अपना मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचा, तो वहां तैनात एक कर्मचारी (फार्मासिस्ट) ने कथित तौर पर सर्टिफिकेट के बदले 300 रुपये की अवैध मांग की। आरोप है कि पैसे लेने के बाद उक्त कर्मचारी ने उच्च अधिकारियों की अनुपस्थिति में स्वयं ही कागजों पर मोहर लगाई और फर्जी हस्ताक्षर कर फिटनेस सर्टिफिकेट थमा दिया।
वीडियो और सीसीटीवी सबूत का दावा
हैरानी की बात यह है कि इस पूरी घटना का साक्ष्य (सबूत) वीडियो के रूप में मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अस्पताल परिसर में लगे CCTV कैमरों की जांच की जाए, तो इस भ्रष्टाचार की कलई पूरी तरह खुल सकती है। पीड़ित ने इस मामले की लिखित शिकायत सीएचसी अधीक्षक से करते हुए दोषी कर्मचारी के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।
प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग
सरकारी अस्पतालों में इस तरह खुलेआम अवैध वसूली और फर्जी हस्ताक्षर का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि विभाग इस भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर क्या एक्शन लेता है और फर्जी सर्टिफिकेट के इस बड़े खेल में शामिल दोषियों को कब तक सजा मिलती है

