रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली। क्षेत्र के ग्राम जेंगारा (मसेल्या) में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। विगत 22 अप्रैल से चल रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का समापन 29 अप्रैल को पूर्ण आहुति के साथ हुआ। इस आध्यात्मिक अनुष्ठान के संपन्न होने पर विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुषों सहित संतों ने सहभागिता की।
पुण्य का आधार है सामूहिक भोज
कथा व्यास पंडित भूदेव शर्मा शास्त्री ने समापन के अवसर पर महाप्रसाद का महत्व बताते हुए कहा कि भागवत कथा के उपरांत सामूहिक भोज का आयोजन अत्यंत पुण्यदायी होता है। उन्होंने कहा, “महाप्रसाद में संतों और जरूरतमंदों को भोजन कराने से आयोजकों को अनंत फल की प्राप्ति होती है और गांव में सुख-शांति का वास होता है।”

इन्होंने संभाली व्यवस्थाएं
भंडारे को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में ग्रामीणों और आयोजन समिति का विशेष योगदान रहा। व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मुख्य रूप से निम्नलिखित लोगों ने संभाली:
- लक्ष्मण सिंह, हुब्बलाल, प्रेम सिंह, पोशाकी लाल
- कैप्टन ओमप्रकाश, वीर नारायण सिंह, कृपाल सिंह, हंसराज
- त्रिलोकी सिंह, जगपाल सिंह, सियाराम सिंह, पुष्पेंद्र सिंह
- रविंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, सुरेंद्र चाहर
- टीवी कलाकार महावीर सिंह और प्रमेंद्र फौजदार
कथा समापन के दौरान पूरा वातावरण ‘राधे-राधे’ के जयघोष से गुंजायमान रहा। देर शाम तक चले इस भंडारे में श्रद्धालुओं ने श्रद्धाभाव से प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ उठाया।

