खबर : शनि कश्यप रिपोर्टर आगरा सदर
आगरा। जनपद में स्मार्ट मीटर लगाए जाने की योजना अब विवादों के घेरे में आ गई है। बिजली विभाग की कथित गड़बड़ियों और स्मार्ट मीटरों के माध्यम से हो रही ‘नाजायज वसूली’ के खिलाफ जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। मंगलवार को ‘सिस्टम तो सुधरेगा’ संगठन के बैनर तले कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया।
स्मार्ट मीटर नहीं, ‘अवैध वसूली’ का जरिया: नीरज शर्मा
संगठन के संस्थापक नीरज शर्मा ने प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से नहीं रोका गया, तो शहर की जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि:
- कंट्रोलिंग सिस्टम का डर: इन मीटरों की बिलिंग पूरी तरह विभाग के कंट्रोल में होगी, जिससे मनमानी बिलिंग का खतरा बढ़ जाएगा।
- भ्रष्टाचार की आशंका: ‘बिल सुधार’ के नाम पर उपभोक्ताओं से अवैध वसूली का खेल शुरू होने की प्रबल संभावना है।
- जनता पर बोझ: पहले से ही हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह मीटर ‘जख्मों पर नमक’ जैसा है।
किसान नेताओं का मिला समर्थन
प्रदर्शन में शामिल किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (DVVNL) और निजी कंपनियां गरीब उपभोक्ताओं के साथ छलावा कर रही हैं। स्मार्ट मीटरों के माध्यम से मनमानी बिलिंग करके आम नागरिक का शोषण करने की तैयारी है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़क पर उतरने की दी चेतावनी
संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार तक अपनी मांग पहुँचाते हुए कहा है कि यदि विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया और स्मार्ट मीटर थोपना बंद नहीं किया, तो एक बड़ा उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रमुख उपस्थिति: ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के संस्थापक नीरज शर्मा, किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, राहुल, दीनदयाल, भगवान सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आक्रोशित उपभोक्ता मौजूद रहे।

