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आगरा राजकीय बाल गृह में हंगामा: शिक्षिका पर गंभीर आरोप, जबरन तैनाती के लिए दबाव और अभद्र व्यवहार का मामला गरमाया

ByKarmveer Singh

Apr 22, 2026
आगरा राजकीय बाल गृह में हंगामा: शिक्षिका पर गंभीर आरोप, जबरन तैनाती के लिए दबाव और अभद्र व्यवहार का मामला गरमायाआगरा राजकीय बाल गृह में हंगामा: शिक्षिका पर गंभीर आरोप, जबरन तैनाती के लिए दबाव और अभद्र व्यवहार का मामला गरमाया
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

आगरा: ताजनगरी के राजकीय बाल गृह (शिशु) से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शिक्षिका, प्रिया चौहान, पर संस्थान के अनुशासन को भंग करने, कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और जबरन तैनाती के लिए अनुचित दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं।

बिना जरूरत तैनाती का दबाव?

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राजकीय बाल गृह में वर्तमान में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है और न ही कोई पद रिक्त है। इसके बावजूद, शिक्षिका प्रिया चौहान द्वारा लगातार निजी रसूख और दबाव के दम पर वहां तैनाती पाने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि संस्थान में पहले से ही पर्याप्त शिक्षक मौजूद हैं जो अनाथ और परित्यक्त बच्चों की शिक्षा का जिम्मा बखूबी संभाल रहे हैं।

विवाद और पुलिस तक पहुंचा मामला

आरोप है कि शिक्षिका और उनके परिजनों ने संस्थान में पहुंचकर न सिर्फ माहौल खराब किया, बल्कि वहां तैनात कर्मचारियों के साथ तीखी बहस और अभद्र व्यवहार भी किया। मामला इतना बढ़ गया कि मौके पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। इस हंगामे के कारण संस्थान में रह रहे संवेदनशील बच्चों की मानसिक शांति पर भी बुरा असर पड़ा है।

पहले भी हो चुकी है हटाने की संस्तुति

हैरानी की बात यह है कि संबंधित शिक्षिका की विवादित कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी उच्चाधिकारियों के पास शिकायतें दर्ज हैं। पूर्व में भी उन्हें हटाने की सिफारिश (संस्तुति) की जा चुकी थी, लेकिन इसके बाद भी संस्थान के कार्यों में उनका हस्तक्षेप बंद नहीं हुआ है।

न्यायालय के नियमों का उल्लंघन

राजकीय बाल गृह जैसे संवेदनशील संस्थान सीधे तौर पर न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत चलते हैं। यहाँ अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। ऐसे में एक शिक्षिका द्वारा किया गया यह आचरण बच्चों के हितों के खिलाफ माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस अनुशासनहीनता पर प्रशासन क्या सख्त कदम उठाता है।

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