रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
खेरागढ़ (आगरा)। भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का संवैधानिक सम्मान दिलाने के लिए आज पूरे देश में आंदोलन की एक नई लहर देखने को मिली। देशव्यापी आह्वान पर भारत की 5400 तहसीलों में एक साथ विशाल प्रदर्शन किए गए, जिसमें ताजनगरी आगरा की खेरागढ़ तहसील गौ भक्तों के जोश और अटूट आस्था का मुख्य केंद्र बनी।
काली माता मंदिर से तहसील तक गूँजे जयकारे
इस ऐतिहासिक आंदोलन की शुरुआत खेरागढ़ स्थित काली माता मंदिर से हुई। आगरा जिला प्रभारी आकाश त्यागी के नेतृत्व में हजारों की संख्या में सनातनी और गौ भक्त मंदिर प्रांगण में एकत्रित हुए। मलूक पीठ (वृंदावन) से पधारे गिरधर दास जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने इस पदयात्रा में आध्यात्मिक ऊर्जा भर दी।
जैसे ही पदयात्रा शुरू हुई, पूरा खेरागढ़ “जय श्रीराम” और “गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करो” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। क्षेत्र के विभिन्न आश्रमों के संतों और हजारों श्रद्धालुओं का यह काफिला एक भव्य जनसमूह में तब्दील हो गया।

प्रमुख माँगें और ज्ञापन
पदयात्रा का समापन तहसील कार्यालय पर हुआ, जहाँ गौ भक्तों ने अपनी शक्ति और एकता का प्रदर्शन किया। इस दौरान उपजिलाधिकारी (SDM) ऋषि राव के माध्यम से देश और प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व को ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन मुख्य रूप से निम्नलिखित के नाम संबोधित था:
- भारत के राष्ट्रपति
- प्रधानमंत्री
- उत्तर प्रदेश की राज्यपाल
- मुख्यमंत्री
मुख्य माँग: “गौ माता केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। उन्हें अविलंब ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिया जाए ताकि उनकी रक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके।”
दिखा अभूतपूर्व उत्साह
आंदोलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे, लेकिन गौ भक्तों का अनुशासन भी मिसाल बना। स्थानीय लोगों का कहना है कि खेरागढ़ के इतिहास में गौ रक्षा के संकल्प को लेकर ऐसा ‘जनसैलाब’ पहले कभी नहीं देखा गया। इस प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की माँग एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है।

