• Fri. May 8th, 2026

UP LIVE 24X7

India #1 News Platform

प्रशासनिक लापरवाही: गोपऊ हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, किरावली में फिर बड़े खतरे की आहट!

ByKarmveer Singh

May 7, 2026
प्रशासनिक लापरवाही: गोपऊ हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, किरावली में फिर बड़े खतरे की आहट!प्रशासनिक लापरवाही: गोपऊ हादसे के बाद भी नहीं जागे जिम्मेदार, किरावली में फिर बड़े खतरे की आहट!
Spread the love

रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

किरावली (आगरा)। किरावली क्षेत्र के ग्राम गोपऊ में हाल ही में एक मासूम बच्ची के साथ हुई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला था। उस समय उप जिलाधिकारी (SDM) किरावली और ACP अछनेरा के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने इस शर्त पर जाम खोला था कि क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार किया जाएगा।

अधूरा बंदोबस्त: एक तरफ पाबंदी, दूसरी तरफ लापरवाही

प्रशासनिक आश्वासन के बाद किरावली थाना पुलिस ने रुनकता तिराहे पर पुलिस टीम तो तैनात कर दी है, जो किरावली से रायभा की ओर जाने वाले वाहनों को रोक रही है। लेकिन विडंबना देखिए कि रायभा की ओर से किरावली की तरफ आने वाले वाहनों का आवागमन अब भी सुचारू रूप से जारी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि खतरा एक तरफ से है, तो दूसरी तरफ से आने वाले भारी वाहनों को खुली छूट क्यों दी जा रही है?

क्या प्रशासन को किसी और बड़ी अनहोनी का इंतज़ार है?

गोपऊ जैसी हृदयविदारक घटना होने के बावजूद प्रशासन की यह आधी-अधूरी तैयारी गंभीर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का कहना है कि क्या पुलिस और तहसील प्रशासन किसी और बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है? केवल एक तरफ का रास्ता बंद कर देने से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद हैं जवान

हालाँकि, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। ACP अछनेरा के निर्देशानुसार रुनकता तिराहे पर:

  • उप निरीक्षक हिमांशु गुर्जर
  • रिक्रूट आरक्षी कुलदीप कसाना
  • रिक्रूट सुधीर कुमार
  • रिक्रूट अनुज कसाना

सहित अन्य पुलिसकर्मी तैनात हैं और व्यवस्था संभालने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि जब तक यातायात के लिए कोई ठोस और पूर्ण योजना लागू नहीं होती, तब तक क्षेत्र के निवासियों और राहगीरों के सिर पर खतरे की तलवार लटकती रहेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *