रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगा)। तहसील दिवस अब महज खानापूर्ति बनकर रह गया है। शनिवार को किरावली तहसील में आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ में जिला स्तरीय बड़े अधिकारियों के न पहुंचने और केवल कनिष्ठ कर्मचारियों की मौजूदगी से नाराज किसानों ने तहसील दिवस का बहिष्कार कर दिया। किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में दर्जनों फरियादी सभागार के बाहर धरने पर बैठ गए।

जिम्मेदारों की गैरमौजूदगी पर रोष
किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने आरोप लगाया कि तहसील दिवस में पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद टूट चुकी है। यहाँ केवल नायब तहसीलदार, पुलिस विभाग के सब-इंस्पेक्टर और अन्य विभागों के तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही मौजूद रहते हैं। उच्च अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। किसानों ने घोषणा की है कि वे सोमवार को जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी से मिलकर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे।
ढाई घंटे चला धरना, तहसीलदार ने दिया आश्वासन
किसानों के भारी विरोध और लगभग ढाई घंटे चले धरने के बाद तहसीलदार किरावली, दीपांकुर मौके पर पहुंचे। उन्होंने आनन-फानन में किसानों की समस्याओं को सुना और उनके समाधान का लिखित आश्वासन दिया।
किसानों की तीन प्रमुख मांगें:
धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन के सामने मुख्य रूप से तीन ज्वलंत मुद्दे रखे:
- देवस्थल की घेराबंदी का विरोध: ग्राम पंचायत रायभा में सविता, सैन व नाई समाज के सैकड़ों वर्ष पुराने देवस्थल और समाधियों को शिक्षा विभाग द्वारा राजकीय हाईस्कूल की चारदीवारी के अंदर जबरन कैद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने इसे आस्था से खिलवाड़ बताते हुए तुरंत समाधान की मांग की।
- जानलेवा पुल का पुनर्निर्माण: किरावली-अछनेरा रोड पर गोपऊ माइनर (धनौली रजवाहा) पर बना पुल अत्यंत जर्जर और संकरा है। तकनीकी रूप से गलत दिशा में बने इस ‘खूनी पुल’ पर आए दिन हादसे होते हैं। ग्रामीणों ने 6 मई तक निर्णय न होने पर 7 मई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी है।
- रोड चौड़ीकरण का मुआवजा: लोक निर्माण विभाग द्वारा मथुरा-दिल्ली हाईवे (बिचपुरी) से सहाई तक नहर पटरी के रोड चौड़ीकरण में किसानों की जमीन ली जा रही है। किसानों का आरोप है कि बिना उचित पैमाइश और मुआवजे के कार्य कराया जा रहा है। उन्होंने मुआवजा मिलने तक कार्य रोकने की मांग की है।
धरने में ये रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से दाताराम लोधी, भूपेंद्र इंदौलिया, सत्यवीर चाहर, बाबूलाल बाल्मीकि, मुकेश सविता, अरविंद चौधरी, गंगाराम माहौर, मूला सविता, राजेंद्र सिंह सोलंकी, भूरा सविता, श्रीराम, तेजप्रकाश, राजवीर, हरविलास, घूरेलाल, राहुल और कन्हैया लाल सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
