रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली/आगरा: उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने जनपद आगरा में फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर लेखपालों के मानसिक उत्पीड़न और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को जिला कार्यकारिणी ने जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को पुरजोर तरीके से रखा और मांगे पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

शासनादेश की अनदेखी का आरोप
जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह और जिला सचिव गगन कुशवाह ने कहा कि 12 जून 2024 के शासनादेश के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री का कार्य राजस्व, कृषि, पंचायत और उद्यान विभाग के कर्मचारियों को संयुक्त रूप से करना है। इसमें लेखपालों की भूमिका केवल ‘अप्रूवल’ तक सीमित है, लेकिन जनपद में पूरा बोझ अकेले लेखपालों पर डाल दिया गया है। संघ ने स्पष्ट किया कि लेखपाल अब सार्वजनिक अवकाश के दिनों में यह कार्य नहीं करेंगे।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर उठाए सवाल
संघ ने तहसील एतमादपुर में अवैध कब्जा हटाने के दौरान लेखपाल पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने मांग की कि:
- सुरक्षा: किसी भी अभियान के दौरान सक्षम अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य हो।
- सुविधाएं: महिला लेखपालों के लिए शौचालयों का निर्माण, लेखपाल कक्षों में फर्नीचर, पेयजल और साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
- लंबित भुगतान: वर्ष 2018 से रुके हुए क्रॉप कटिंग मानदेय और चिकित्सा प्रतिपूर्ति का तत्काल भुगतान हो।
आंदोलन की चेतावनी
लेखपाल संघ ने प्रशासन को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 12 मार्च 2026 को दिए गए मांगपत्र पर शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई, तो लेखपाल अतिरिक्त क्षेत्रों का चार्ज छोड़ने को विवश होंगे। संघ केवल शासनादेश और गाइड बुक के नियमों के अनुसार ही कार्य में सहयोग करेगा।
ये रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकांत यादव, तहसील अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह, तहसील मंत्री मनोज रावत, पूर्व अध्यक्ष रामावतार यादव और कोषाध्यक्ष हरिअनन्त कुलश्रेष्ठ सहित सभी तहसीलों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

