रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
अकोला (आगरा): जनपद के गाँव अकोला में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों ने अब तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पीड़ित किसानों से मिलने गाँव अकोला पहुँचा। भाकियू नेताओं ने प्रशासन की इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मुकदमे वापस नहीं हुए तो पूरे जनपद में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।

“स्मार्ट मीटर यानी स्मार्ट लूट”
पीड़ित किसानों से मुलाकात के दौरान भाकियू (अराजनैतिक) के जिलाध्यक्ष दीपक तोमर ने प्रशासन पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
“स्मार्ट मीटर किसानों से ‘स्मार्ट लूट’ का एक नया जरिया है, जिसे अन्नदाता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रशासन ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए विरोध कर रहे मासूम किसानों पर झूठे मुकदमे लाद दिए हैं।”
उन्होंने आगे मांग की कि प्रशासन इन मुकदमों को तत्काल प्रभाव से वापस ले, अन्यथा जनपद आगरा में जहाँ-जहाँ भी स्मार्ट मीटर लगे हैं, किसान उन्हें उखाड़ फेंकने का काम करेंगे।
गरीब जनता की जेब पर डाका
किसान नेता सोमवीर यादव, रामनिवास रघुवंशी और मुकेश पाठक ने संयुक्त रूप से कहा कि स्मार्ट मीटर के माध्यम से गरीब जनता और किसानों की मेहनत की कमाई लूटी जा रही है। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि समय रहते अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो यह आंदोलन प्रशासन के नियंत्रण से बाहर हो जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
आज के इस दौरे में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष दीपक तोमर के साथ जिला प्रवक्ता रामनिवास रघुवंशी, सोमवीर यादव, मुकेश पाठक, गंभीर सिंह (प्रधान अकोला), किसान नेत्री सावित्री चाहर, केदार सिंह चाहर (एडवोकेट), लक्ष्मण सिंह चाहर, ओमकान्त चाहर, ममता चाहर, चन्द्रपाल सिंह चाहर, घनश्याम सिंह, हाकिम सिंह प्रधान, बिजेंद्र सिंह प्रधान, प्रजुव्वल कुलश्रेष्ठ और राम सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रशासन के खिलाफ किसानों की इस हुंकार ने अब शासन-प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।

