रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा)। किरावली के मौनी बाबा आश्रम में न्याय की अलख जगा रहे प्रदर्शनकारियों को डराने और आंदोलन को दबाने की कोशिशों के आरोपों से क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया है। पिछले तीन दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से जारी धरने के बीच बीती रात अचानक बिजली काट दी गई, जिसे प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन का “कायराना कृत्य” करार दिया है।

अंधेरे की साजिश से नहीं डिगेगा हौसला
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, रात करीब 8:40 बजे सुनियोजित तरीके से आश्रम और आसपास के बिजली के खंभों की लाइटें काट दी गईं। कड़ाके की रात में जानबूझकर किए गए इस अंधेरे पर रोष जताते हुए समाजसेवी और पूर्व सैनिक भोज कुमार फौजी ने हुंकार भरी। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा:
“अंधेरा करने या डराने-धमकाने से भोज कुमार भागने वाला नहीं है। मैंने देश की सेवा के लिए बॉर्डर पर दुश्मनों का सामना किया है, अब तो अपने घर और हक की लड़ाई है। न्याय मिलने तक मैं पीछे हटने वाला नहीं हूं, चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े।”
चौथे दिन में प्रवेश: अब सरकारी मैदान में होगा ‘क्रमिक अनशन’
तीन दिनों के अनवरत धरने के बाद अब यह आंदोलन और भी अनुशासित और संगठित रूप ले चुका है। आज चौथे दिन से यह आंदोलन सरकार द्वारा चिन्हित मैदान में ‘क्रमिक अनशन’ के रूप में जारी रहेगा। अनशन का समय प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे से शाम 8:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
प्रशासन के लिए ‘सद्बुद्धि यज्ञ’
हैरानी की बात यह है कि एक तरफ जहाँ प्रशासन टालमटोल कर रहा है, वहीं प्रदर्शनकारियों ने गांधीवादी तरीका अपनाते हुए ‘बुद्धि शुद्धि यज्ञ’ का आयोजन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे इस यज्ञ के माध्यम से ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारियों को सद्बुद्धि मिले और वे पीड़ित हिंदू बच्चों को न्याय दिलाने के लिए सही निर्णय लें।
क्या है प्रमुख मांग?
आंदोलनकारियों का मुख्य आरोप है कि किरावली में निर्दोष बच्चों के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस और प्रशासन दोषियों को संरक्षण दे रहे हैं और उचित कानूनी धाराओं में कार्रवाई नहीं की जा रही है। ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ प्रदर्शनकारियों ने संकल्प लिया है कि जब तक न्याय की स्थापना नहीं होती, उनका यह सत्याग्रह जारी रहेगा।

