आगरा (एत्मादपुर): गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली एक सनसनीखेज घटना एत्मादपुर के गांव मितावली से सामने आई है। यहाँ एक सरकारी प्राइमरी स्कूल में एक शिक्षक ने कक्षा 5 के मासूम छात्र की बेरहमी से पिटाई कर दी। हैवानियत का आलम यह था कि शिक्षक ने क्लासरूम का दरवाजा अंदर से बंद कर छात्र को लात-घूसों से पीटा, जिससे बच्चे की आंख के ऊपर गंभीर चोट आई है।

ग्रामीणों ने बचाई मासूम की जान
बताया जा रहा है कि जब बंद कमरे से छात्र के चीखने-चिल्लाने की आवाजें आईं, तो स्कूल के बाहर मौजूद ग्रामीण और परिजन मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने किसी तरह गेट खुलवाकर बच्चे को शिक्षक के चंगुल से छुड़ाया। यदि ग्रामीण समय पर न पहुंचते, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। लहूलुहान बच्चे को देख उसकी माँ का रो-रोकर बुरा हाल है।
शिक्षक की चालाकी: खुद ही कर दिया 112 पर कॉल
घटना को अंजाम देने के बाद पकड़े जाने के डर से आरोपी शिक्षक ने खुद ही 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर थाने ले गई। बाद में जब छात्र की मां ने पुलिस को सूचित किया, तो पुलिस ने बच्चे की हालत देखते हुए मां को थाने में तहरीर देने और बच्चे का मेडिकल कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रिंसिपल का चौंकाने वाला बयान: “मानसिक रूप से ठीक नहीं है शिक्षक”
इस पूरे मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक (प्रिंसिपल) का बयान बेहद चौंकाने वाला है। प्रिंसिपल के अनुसार, उक्त शिक्षक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है। अब सवाल यह उठता है कि:
- अगर शिक्षक मानसिक रूप से अस्वस्थ है, तो उसे बच्चों के बीच पढ़ाने की अनुमति कैसे दी गई?
- क्या शिक्षा विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
- नौनिहालों के भविष्य और सुरक्षा के साथ ऐसा खिलवाड़ कब तक चलेगा?
BSA की कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों और पीड़ित परिवार में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। अब देखना यह है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) इस ‘हैवान’ शिक्षक पर क्या ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर “मानसिक बीमारी” के नाम पर इस गंभीर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा।

