लखनऊ/किरावली (आगरा)। सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने और यातायात नियमों के प्रति समाज को अनुशासित करने के उद्देश्य से लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय “सड़क सुरक्षा संवाद” कार्यशाला का भव्य समापन हुआ। 24 और 25 मार्च को आयोजित इस कार्यशाला में प्रदेश भर के विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिसमें आगरा के किरावली क्षेत्र के मास्टर ट्रेनर्स ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।

परिवहन मंत्री ने किया शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि जीवन बचाने का संकल्प है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि प्रशिक्षित प्रतिभागी अपने जनपदों में जाकर जागरूकता फैलाएंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में 50% तक की कमी लाई जा सके। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया— “जल्दी से ज्यादा जरूरी है जिंदगी।”
आगरा के मास्टर ट्रेनर्स का रहा दबदबा
कार्यशाला में आगरा जनपद का प्रतिनिधित्व कर रहे किरावली क्षेत्र के मास्टर ट्रेनर्स ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। क्विज प्रतियोगिता और संवाद सत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए मंच पर निम्नलिखित पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया:
- रेनू भारद्वाज (जिला सचिव)
- डॉ. दिग्विजय पचौरी (सहायक सचिव)
- विष्णु (काउंसलर)
- रेखा अग्रवाल (काउंसलर)

प्रशिक्षण और आत्ममंथन
भारत स्काउट एवं गाइड उत्तर प्रदेश के प्रादेशिक मुख्य आयुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने सभी को यातायात नियमों के पालन का संकल्प दिलाया। वहीं, परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने कहा कि स्काउट गाइड संस्था के सहयोग से जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। कार्यशाला के दौरान ‘हेलमेट की अनिवार्यता’ और ‘सीट बेल्ट के उपयोग’ जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त कुमारी प्रीति का भी कार्यक्रम के सफल संचालन में विशेष सहयोग रहा।
मुख्य संकल्प
समापन सत्र में किरावली से गए मास्टर ट्रेनर्स सहित सभी प्रतिभागियों ने शपथ ली कि वे स्वयं शत-प्रतिशत नियमों का पालन करेंगे और अपने क्षेत्रों में ‘सड़क सुरक्षा ब्रांड एंबेसडर’ के रूप में कार्य करते हुए लोगों को सुरक्षित सफर के लिए प्रेरित करेंगे।

