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शहीदों की स्मृति में देशभक्ति के रंग में रंगा मसेल्या, नायक सतीश चाहर को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

शहीदों की स्मृति में देशभक्ति के रंग में रंगा मसेल्या, नायक सतीश चाहर को दी भावभीनी श्रद्धांजलिशहीदों की स्मृति में देशभक्ति के रंग में रंगा मसेल्या, नायक सतीश चाहर को दी भावभीनी श्रद्धांजलिशहीदों की स्मृति में देशभक्ति के रंग में रंगा मसेल्या, नायक सतीश चाहर को दी भावभीनी श्रद्धांजलिशहीदों की स्मृति में देशभक्ति के रंग में रंगा मसेल्या, नायक सतीश चाहर को दी भावभीनी श्रद्धांजलि
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अकोला (आगरा): तहसील क्षेत्र के गाँव मसेल्या में रविवार का दिन अदम्य साहस और बलिदान को समर्पित रहा। शहीद नायक सतीश चाहर की पावन स्मृति में प्राथमिक विद्यालय परिसर में भव्य सम्मान समारोह एवं पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने न केवल देशभक्ति की अलख जगाई, बल्कि सामाजिक एकजुटता की एक अनूठी मिसाल भी पेश की।

भारत माता के नारों से गूंजा परिसर

समारोह का शुभारंभ शहीद सतीश चाहर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और भावभीनी श्रद्धांजलि देने के साथ हुआ। जैसे ही ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे गूंजे, पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर हो गया। कार्यक्रम में युवाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर भोला गुर्जर (बाबू गप्पी), देवकांत त्यागी, रवि परिहार और छोटा बाबू विशेष रूप से मौजूद रहे। वक्ताओं ने युवाओं को शहीदों के पदचिन्हों पर चलने और देश सेवा के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया।

शहीद परिवारों का हुआ भव्य सम्मान शहीदों की स्मृति में

जनशक्ति संगठन के संस्थापक अधिवक्ता अजय चाहर ने शहीद सतीश चाहर के पिता रमेश चंद चाहर, उनकी धर्मपत्नी और पुत्र वंश को शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में शहीद के छोटे भाई मनोज चाहर ने क्षेत्र के अन्य शहीद परिवारों को भी सम्मानित कर उनके त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम का कुशल संचालन कलाकार महावीर सिंह चाहर ने किया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा:

“शहीद कभी मरते नहीं, वे हमारे दिलों में सदैव जीवित रहते हैं। समाज का यह परम उत्तरदायित्व है कि वह हर परिस्थिति में शहीद परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहे।”

भावुक हुए परिजन, मेले का उठाया लुत्फ

शहीदों की स्मृति में सम्मान पाकर शहीद के परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे के बलिदान पर गर्व है और ऐसे आयोजनों से यह विश्वास दृढ़ होता है कि पूरा समाज उनके साथ है। समारोह के साथ-साथ आयोजित पारंपरिक मेले में ग्रामीणों ने स्थानीय व्यंजनों और सांस्कृतिक गतिविधियों का जमकर आनंद लिया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से ब्रजेश चाहर, अभिषेक चाहर, संतोष चाहर, राजू चाहर, सुरेंद्र चाहर, बंटी प्रधान, यशपाल, सत्यवीर सिंह, महेश चाहर, हरिचंद्र, रमेश नेताजी, अवेशु, इंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह, स्पर्श चाहर, लल्लू भगत, अनुज परमार, विपिन चौहान, नितेश, राकेश प्रधान, विष्णु, जसमत, शेलू, पवन सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।

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