रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा): जनपद आगरा के कस्बा किरावली में दो हिंदू नाबालिग भाइयों के साथ विशेष समुदाय के युवकों द्वारा की गई बर्बरता ने क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव और जन-आक्रोश पैदा कर दिया है। घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमले में एक मासूम के सिर में 14 टांके आए हैं, जबकि दूसरा भाई अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है।
किरावली में आक्रोश
पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल: ’14 टांके और सिर्फ धारा 151?’
मामले में सबसे ज्यादा रोष पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी जघन्य वारदात के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मात्र धारा 151 के तहत खानापूर्ति वाली कार्रवाई की है। इसी ‘लचर’ कार्रवाई के खिलाफ आज बाबा मोनी आश्रम पर विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जहाँ ‘जय श्री राम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी।
किरावली में आक्रोश
भोज कुमार फौजी के कड़े तेवर: “न्याय करो या परिणाम भुगतो”
प्रखर समाजसेवी और पत्रकार भोज कुमार फौजी के नेतृत्व में आयोजित इस सभा में उन्होंने प्रशासन को सीधे शब्दों में चुनौती दी। फौजी ने कहा:
“जिस मासूम के सिर में 14 टांके आए हों, वहां धारा 151 का क्या काम? या तो आरोपियों पर तत्काल धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगाई जाए, वरना प्रशासन हमें लिखित में दे कि 14 टांके आने पर यही कानून है। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो फिर हिंदू समाज न्याय के लिए अपने तरीके अपनाने को मजबूर होगा।”
अतिक्रमण और सुरक्षा पर भी ‘स्ट्राइक’
प्रदर्शन के दौरान भोज कुमार फौजी ने केवल अपराध ही नहीं, बल्कि किरावली की अन्य समस्याओं पर भी प्रहार किया:
- सब्जी मंडी अतिक्रमण: उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों के कारण एम्बुलेंस जाम में फंसती हैं। बिना वैध दस्तावेजों के दुकान चलाने वालों को तत्काल हटाने की मांग की गई।
- फेरी वालों की शिनाख्त: सुरक्षा के लिहाज से मांग उठी कि गांवों में घूमने वाले फेरी वालों का पूर्ण सत्यापन हो और उन्हें ‘अथॉरिटी लेटर’ दिया जाए, ताकि असामाजिक तत्वों से बहू-बेटियों की रक्षा हो सके।
- बाल श्रम: 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराने वाले दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

एकजुट हुआ हिंदू समाज, अनिश्चितकालीन धरने का आगाज
इस आंदोलन को करणी सेना, बजरंग दल, राष्ट्रीय हिंदू फ्रंट और पूर्व सैनिक संघर्ष समिति जैसे बड़े संगठनों का पुरजोर समर्थन मिला है। भोज कुमार फौजी ने ऐलान किया है कि जब तक सब्जी मंडी से अतिक्रमण नहीं हटता और पीड़ितों को उचित न्याय (धारा 307 के तहत कार्रवाई) नहीं मिलता, तब तक बाबा मोनी आश्रम पर उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
अब क्षेत्र की जनता की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या प्रशासन जन-आक्रोश को शांत कर पाएगा या यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा?

