रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा: किरावली तहसील में आयोजित होने वाले तहसील दिवस की गरिमा और सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखाने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं। तहसील दिवस में अधिकारियों की लगातार अनुपस्थिति और फरियादियों की अनदेखी को लेकर किसान नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिलाधिकारी मनीष बंसल से मुलाकात कर तीखा विरोध दर्ज कराया।

क्लर्कों के भरोसे चल रहा तहसील दिवस!
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह की अगुवाई में डीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किरावली तहसील दिवस में मुख्य अधिकारी नदारद रहते हैं। हद तो तब हो गई जब सक्षम अधिकारियों ने अपनी जगह तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भेजना शुरू कर दिया। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब जिम्मेदार अधिकारी ही मौजूद नहीं होंगे, तो दूर-दराज से आने वाले गरीब किसान और मजदूरों को न्याय कैसे मिलेगा?
झूठी रिपोर्ट लगाकर गुमराह करने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया कि कई मामलों में अधिकारियों द्वारा बिना मौके पर जाए ‘झूठी जांच आख्या’ (रिपोर्ट) लगाकर उच्चाधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है। इसी लापरवाही के कारण बीते 19 अप्रैल को किसानों को मजबूरन तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।
जिलाधिकारी ने दिया कड़ी कार्रवाई का आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने किसान नेताओं को आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने भरोसा दिलाया कि किसी भी पीड़ित फरियादी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से दाता राम लोधी, भूपेंद्र इंदौलिया, सत्यवीर चाहर, मुकेश सविता, बाबूलाल बाल्मीकि, भगवान सिंह बघेल, राजकिशोर लोधी, अर्जुन बघेल, केशव सिंह, पवन कुशवाह आदि किसान नेता मौजूद रहे।

