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किरावली (आगरा)। विकास खण्ड अछनेरा के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर सड़कों, टूटी पुलिया और नालियों की बदहाली को लेकर क्षेत्रवासियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। प्रभावित ग्रामीणों और किसान नेताओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और अपनी बुनियादी मांगों के निस्तारण के लिए तहसीलदार किरावली दीपांकर को एक लिखित मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। किसान नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस गंभीर समस्या का संज्ञान नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

9 साल से मरम्मत को तरस रही मऊअर-थापी मार्ग की सड़क
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने प्रशासनिक उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विकास खण्ड अछनेरा के गांव मऊअर नाले के पुल से लेकर थापी नाले के पुल तक करीब चार किलोमीटर लंबी पक्की सड़क पूरी तरह खस्ताहाल और जर्जर हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने लगभग 9 वर्ष पूर्व इस सड़क का मरम्मत कार्य कराया था, जिसके बाद से इसकी सुध नहीं ली गई है।
इसके साथ ही, करीब तीन वर्ष पूर्व मऊअर नाले के पुल से गांव पाली सदर तक नालियों का निर्माण तो कराया गया, लेकिन उचित रखरखाव न होने से वे भी बदहाल हैं। सड़क और नालियों की इस दुर्दशा के कारण आम राहगीरों के साथ-साथ कंपोजिट स्कूल पाली के जखा और मऊअर से आने-जाने वाले मासूम छात्र-छात्राओं को कीचड़ और गड्ढों के बीच से गुजरना पड़ता है, जिससे हमेशा दुर्घटना का भय बना रहता है।
टूटी पुलिया बनी ‘डेथ ट्रैप’: जा चुकी है एक युवक की जान
ज्ञापन में किरावली-अछनेरा मार्ग पर स्थित गोपऊ राजवाह नहर (गांव पुरामना) की टूटी-फूटी और जर्जर पुलिया का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि अछनेरा और किरावली कस्बे को जोड़ने वाले इस एकमात्र मुख्य मार्ग की पुलिया इतनी खस्ताहाल है कि आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे हैं। करीब एक वर्ष पूर्व इसी टूटी पुलिया के कारण बाइक सवार पुरामना के एक स्थानीय युवक की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत भी हो चुकी है। इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।
प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम
किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि इन दोनों ही गंभीर प्रकरणों को लेकर लोक निर्माण विभाग सहित जिला प्रशासन को पूर्व में कई बार लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर लोक निर्माण विभाग ने मौके पर काम शुरू नहीं कराया, तो वे प्रभावित ग्रामीणों को साथ लेकर किरावली तहसील मुख्यालय पर एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू कर देंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मांग करने वालों में ये लोग रहे प्रमुख रूप से मौजूद
तहसीलदार किरावली को मांग पत्र सौंपने और प्रदर्शन करने वालों में मुख्य रूप से प्रवीण राजपूत, किशन राजपूत, गंगाराम माहौर, बाबूलाल बाल्मीकि, मुकेश सविता, रविंद्र चाहर, सोनू चौधरी, राज किशोर लोधी, भगवान सिंह बघेल और सत्यवीर चाहर सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थित रहे।

