रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
रिपोर्टर कृष्ण मुरारी उपाध्याय
आगरा। 26 जुलाई का दिन भारतीय इतिहास में अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का प्रतीक है। आज पूरा देश 27वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है। 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़े गए कारगिल युद्ध में भारतीय सेना के जांबाजों ने बर्फीली और दुर्गम पहाड़ियों पर तिरंगा लहराकर दुश्मन को धूल चटाई थी। इस ऐतिहासिक विजय में ताजनगरी आगरा का योगदान भी अनुकरणीय रहा है। आगरा के कई लालों ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे।

आगरा के अमर शहीद, जिनके शौर्य को सलाम करता है देश
कारगिल युद्ध के दौरान आगरा जिले के शूरवीरों ने अप्रतिम वीरता का परिचय दिया था। उनके बलिदान को आज भी हर नागरिक गर्व से याद करता है:
- शहीद कैप्टन संजीव जादौन: कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दुश्मन से लोहा लेते हुए उन्होंने अदम्य साहस का परिचय दिया और वीरगति को प्राप्त हुए।
- शहीद नायक रामवीर सिंह: मातृभूमि की रक्षा में अपनी शहादत देकर उन्होंने आगरा का नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा दिया।
- शहीद लांस नायक देवेंद्र सिंह: दुश्मन की गोलियों का डटकर सामना करते हुए उन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
- शहीद हवलदार गजेंद्र सिंह: कारगिल की जंग में अदम्य साहस दिखाते हुए देश की सीमाओं की रक्षा की और अमर हो गए।
(इनके अलावा भी जिले के कई अन्य वीरों ने इस युद्ध में अपनी वीरता और समर्पण की छाप छोड़ी थी।)
श्रद्धांजलि सभाओं में गूंजे देशभक्ति के तराने
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आगरा शहर से लेकर किरावली, फतेहपुर सीकरी और ग्रामीण अंचलों में विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। शहीद स्मारकों पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखा गया और वीरांगनाओं व उनके परिवारों को नमन किया गया।
स्थानीय वक्ताओं ने कहा कि हमारे शहीदों का यह बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता रहेगा।

