रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
रिपोर्टर कृष्ण मुरारी उपाध्याय
किरावली/आगरा। किरावली-रूनकता मोड़ पर बीती शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक बेजुबान गोवंश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गोरक्षा दल के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए। नगर पंचायत प्रशासन की अनदेखी को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी रोष व्याप्त है।
सूचना पर पहुँची गोरक्षा टीम, जेसीबी से कराया अंतिम संस्कार
घटना 26 तारीख की शाम लगभग 7:30 बजे किरावली-गाँव रूनकता मोड़ की है। हादसे की सूचना मिलते ही ‘गोरक्षा’ के जिलाध्यक्ष संतोष इंदौलिया अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत नगर पंचायत प्रशासन को अवगत कराया। सूचना के बाद मौके पर पहुँची जेसीबी की मदद से मृत गोवंश को सम्मानपूर्वक गड्ढा खुदवाकर दफनाया गया। इस दौरान संटू, मनोज, जीतू इंदौलिया, राजेश, महेश सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे।
रूनकता मोड़ से अभेदोंपुरा नहर तक हादसों को दावत दे रहे आवारा पशु
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा और लावारिस पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। रूनकता मोड़ से लेकर अभेदोंपुरा नहर तक मुख्य सड़कों और हाईवे पर दिन-रात गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। रात के अंधेरे में सड़कों पर बैठे पशु तेज रफ्तार वाहनों को दिखाई नहीं देते, जिससे आए दिन भीषण दुर्घटनाएँ हो रही हैं और बेजुबान पशु काल के गाल में समा रहे हैं।

नगर पंचायत प्रशासन पर उठे सवाल, गौशाला भिजवाने की माँग
गोरक्षा जिलाध्यक्ष संतोष इंदौलिया और क्षेत्रीय लोगों ने नगर पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद नगर पंचायत आवारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
ग्रामीणों और गोरक्षा टीम ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि सड़कों पर घूम रहे सभी आवारा पशुओं को तत्काल अभियान चलाकर पकड़वाया जाए और पास की गौशालाओं में सुरक्षित भिजवाया जाए, ताकि बेजुबानों की जान बचाई जा सके और सड़क हादसों पर रोक लग सके।
बड़ा सवाल: एक तरफ जहाँ देशभर में गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने की मांगें जोर पकड़ रही हैं, वहीं दूसरी ओर धरातल पर बेजुबान गोवंश सड़कों पर लावारिस घूमकर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। प्रशासन की यह अनदेखी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।
