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किरावली (आगरा)। तहसील किरावली में लेखपाल ज्योति की कार्यशैली और बिगड़े बोल को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। गांव ताजपुर नगरिया में सरकारी गूल पर अवैध कब्जे की जांच करने पहुँचीं क्षेत्रीय लेखपाल ज्योति पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता व पूर्व प्रधान चंद्रभान सिंह को ही सरेआम धमका दिया। महिला लेखपाल के इस बर्ताव से पीड़ित पूर्व प्रधान गहरे सदमे में हैं। इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी दर्ज कराई गई है, लेकिन राजस्व विभाग की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ताजपुर नगरिया के वर्तमान प्रधान अनिल राजपूत द्वारा एक सरकारी गूल (नाली) को आरसीसी (RCC) डालकर पाटने का प्रयास किया जा रहा था। जब गांव के पूर्व प्रधान चंद्रभान सिंह ने इस सरकारी संपत्ति पर हो रहे अवैध निर्माण का विरोध किया, तो विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से साठगांठ कर लेखपाल को प्रभावित करने का प्रयास किया, ताकि विवादित जगह को छोड़कर दूसरी जगह नाप-जोख कर गलत रिपोर्ट लगा दी जाए।
हालांकि, पूर्व प्रधान चंद्रभान सिंह ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस मामले की लिखित शिकायत उपजिलाधिकारी (SDM) किरावली से की, जिसके बाद एसडीएम के निर्देश पर सरकारी गूल पर चल रहा आरसीसी का काम रुकवा दिया गया।
लेखपाल के बिगड़े बोल: ‘कांच के घर वाले…’
आरोप है कि गूल पर काम रुकने से बौखलाईं लेखपाल ने शिकायतकर्ता पूर्व प्रधान चंद्रभान सिंह को धमकाते हुए कहा कि “जिनके घर कांच के होते हैं, वह दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंकते।” एक जिम्मेदार महिला अधिकारी के मुंह से इस तरह की अमर्यादित और धमकी भरी भाषा सुनकर पूर्व प्रधान स्तब्ध रह गए। लेखपाल की यह कार्यशैली साफ़ दर्शाती है कि वे निष्पक्ष जांच करने के बजाय एकपक्षीय कार्रवाई करने पर आमादा हैं।
राजनेता के संरक्षण का आरोप, CM पोर्टल पर शिकायत लंबित
चर्चा है कि उक्त लेखपाल को कथित तौर पर एक रसूखदार राजनेता का संरक्षण प्राप्त है, जिसके बल पर वे किसी भी पीड़ित या शिकायतकर्ता से सीधे मुंह बात नहीं करती हैं। पूर्व प्रधान चंद्रभान सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत 22 जून को मुख्यमंत्री संदर्भ पोर्टल पर दर्ज कराई थी, जिसका शिकायत नंबर 4001462742503 है। लेकिन विडंबना देखिए कि लगभग तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों ने इस शिकायत पर कोई सुध नहीं ली है।
कार्रवाई से भी सबक नहीं ले रहे लेखपाल
किरावली तहसील में राजस्व टीम को विवादों में रहने की मानो आदत सी हो चुकी है। अभी हाल ही में एक अन्य लेखपाल को मारपीट और रिश्वत लेने के गंभीर आरोपों में निलंबित किया जा चुका है। इतनी बड़ी कार्रवाई होने के बावजूद भी क्षेत्र के लेखपाल अपनी कार्यशैली बदलने को तैयार नहीं हैं।
अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज इस गंभीर शिकायत और पूर्व प्रधान से अभद्रता के मामले में आगरा जिला प्रशासन और एसडीएम किरावली इस विवादित लेखपाल के खिलाफ क्या दंडात्मक कदम उठाते हैं

