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मानसून से पहले थमा 'बेमन' नाले की सफाई का काम, किरावली में सैकड़ों एकड़ फसल पर जलभराव का खतरामानसून से पहले थमा 'बेमन' नाले की सफाई का काम, किरावली में सैकड़ों एकड़ फसल पर जलभराव का खतरा
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

किरावली (आगरा)। मानसून की दस्तक सिर पर है, लेकिन आगरा के किरावली क्षेत्र में सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। क्षेत्र के ‘बेमन’ नाले की सफाई का काम ऐन वक्त पर रुक गया है, जिससे स्थानीय किसानों की धड़कनें बढ़ गई हैं। जमीनी विवाद और विभाग की उदासीनता के कारण अब किसानों की सैकड़ों एकड़ फसल पर जलभराव और तबाही का काला साया मंडराने लगा है।

निजी जमीन का दावा: अधर में लटका काम

मिली जानकारी के अनुसार, नाले की सफाई का काम सुचारू रूप से चल रहा था, लेकिन तभी एक स्थानीय किसान ने नाले की जमीन को अपनी निजी पैतृक संपत्ति बताते हुए काम को बीच में ही रुकवा दिया। इस अचानक पैदा हुए विवाद के बाद से सफाई कार्य पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है और नाला जस का तस छोड़ दिया गया है।

सिंचाई विभाग के पास नहीं ‘कागज’, सीमांकन न होने से उलझा मामला

इस पूरे मामले में सिंचाई विभाग (नहरवा) की गंभीर लापरवाही और उदासीनता खुलकर उजागर हुई है। विभाग के पास अभी तक इस बात का कोई स्पष्ट जवाब नहीं है कि जिस जमीन पर विवाद चल रहा है, वह सरकारी (राजस्व विभाग की) है या निजी। लंबे समय से कागजी कार्रवाई और जमीन का सीमांकन (Demarcation) न होने के कारण यह मामला पूरी तरह उलझ गया है, जिसका खामियाजा अब आम जनता भुगतने को मजबूर है।

किसानों में भारी आक्रोश, दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर

मानसून बेहद नजदीक है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। किसानों का साफ कहना है कि:

“अगर मानसून से ठीक पहले नाले की पूरी सफाई नहीं हुई, तो मामूली सी बारिश में भी यह नाला उफन जाएगा। नाले का पानी सीधे खेतों में भरेगा, जिससे हमारी मेहनत और सैकड़ों एकड़ में लहलहाती फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाएंगी।”

किसान लगातार संबंधित दफ्तरों और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर आकर जमीन की पैमाइश कराने को तैयार नहीं दिख रहा है।

अधिकारी मौन: SDO ने पल्ला झाड़ा, JE ने नहीं उठाया फोन

जब इस गंभीर समस्या को लेकर UP Live 24X7 ने जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनका रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना रहा।

  • SDO स्पर्श अग्रवाल ने केवल औपचारिकता निभाते हुए कहा कि वे इस मामले में ‘जानकारी जुटा रहे हैं’।
  • वहीं दूसरी तरफ, JE सतीश ने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों का यह टालमटोल वाला रवैया प्रशासनिक संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े करता है।

जिला प्रशासन से तत्काल गुहार

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासियों और पीड़ित किसानों ने आगरा जिला प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। किसानों ने अपील की है कि राजस्व और सिंचाई विभाग की एक संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर भेजा जाए, जमीन का सटीक सीमांकन कर विवाद को निपटाया जाए और युद्धस्तर पर ‘बेमन’ नाले की सफाई का काम दोबारा शुरू कराया जाए ताकि क्षेत्र को डूबने से बचाया जा सके।

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