रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली (आगरा)। किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बने तहसील परिसर में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब अपनी जमीन की पैमाइश कराने पहुंचे एक पीड़ित किसान के साथ कथित तौर पर लेखपाल द्वारा सरेआम मारपीट किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। खुलेआम गुंडई और दबंगई की इस लाइव वारदात ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है।
तहसीलदार के पास फरियाद लेकर पहुंचा था किसान, वहां से लेखपाल के पास भेजा
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम रायभा (रायमा) निवासी पीड़ित किसान मनोज सिंह सोमवार को अपनी एक पुरानी शिकायत लेकर किरावली तहसीलदार दीपांकर के पास पहुंचे थे। किसान का आरोप है कि तहसीलदार ने मामले को देखने के लिए उन्हें संबंधित लेखपाल वीरपाल सिंह के पास भेज दिया।
पैसे लेने के बाद भी नहीं किया काम, विरोध करने पर सरेआम बरसाए लात-घूंसे
पीड़ित किसान ने तहसीलदार को दिए शिकायती पत्र में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। किसान का कहना है कि लेखपाल वीरपाल सिंह एवं उनके पीए ने उसके दो कृषि चकों (खेतों) की नाप कराने के नाम पर अच्छी-खासी अवैध धनराशि (रिश्वत) ली थी। रकम ऐंठने के बाद लेखपाल ने पहले खेत की पैमाइश तो कर दी और उसका परचा भी दे दिया, लेकिन दूसरे खेत की नाप करने से लगातार आनाकानी करता रहा।
सोमवार को जब किसान ने लेखपाल से दोबारा पैमाइश करने का आग्रह किया, तो लेखपाल ने कथित रूप से कहा कि— “मेरी मर्जी, मैं दूसरे खेत की नाप नहीं करूंगा, पहले सरकारी आदेश लेकर आओ।”
“पैसे ले लिए, काम नहीं कर रहे हो…” कहते ही चढ़ा लेखपाल का पारा
आरोप है कि जब पीड़ित किसान ने कागज दिखाते हुए लेखपाल से कहा कि— “पैसे ले लिए हैं फिर भी काम नहीं कर रहे हो”, तो लेखपाल का पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया। गुंडई वाली आवाज में धमकाते हुए लेखपाल वीरपाल सिंह ने खुलेआम दबंगई दिखाई और तहसील परिसर के भीतर ही फरियादी किसान के साथ लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। मौके पर मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने इस पूरी हैवानियत का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है।
किसानों में भारी रोष,
तहसील परिसर के भीतर एक फरियादी किसान के साथ सरेआम हुई इस अभद्र व्यवहार और हाथापाई की घटना के बाद स्थानीय किसानों और आम जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है। वहीं, आरोपी लेखपाल का पक्ष भी समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका है।
सुलगते सवाल: जब तहसील में ही सुरक्षित नहीं अन्नदाता, तो न्याय की उम्मीद किससे?
इस शर्मनाक घटना के बाद अब किरावली तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग बैकफुट पर है। जनता सवाल उठा रही है कि यदि अपनी जायज मांग लेकर आने वाला फरियादी किसान खुद सरकारी दफ्तरों और तहसील परिसर में भी सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता अपनी शिकायत लेकर किस पर भरोसा करे? वायरल वीडियो और किसान की लिखित शिकायत के बाद अब आरोपी भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाले लेखपाल के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

