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किरावली/अछनेरा (आगरा)। ग्राम पंचायत रुनकता के दलित बाहुल्य और पिछड़े समाज के बाहुल्य वाले मोहल्ले ‘जगरैला’ के निवासियों का प्रशासनिक अनदेखी के खिलाफ सब्र का बांध टूट गया है। पिछले दो-ढाई दशकों से बुनियादी रास्ते की समस्या से जूझ रहे पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए अब किसान-मजदूर संगठनों ने आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। जगरैला मोहल्ले के मुख्य रास्ते की दुर्दशा सुधारने और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग को लेकर कल विकास खंड (ब्लॉक) कार्यालय अछनेरा पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

25 साल से रह रहे परिवार, बारिश में 5 फुट तक भर जाता है पानी
दरअसल, आज रुनकता के जगरैला मोहल्ला में पीड़ित ग्रामीणों का दर्द जानने किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह, धीरज सिकरवार, आशा धाकरे और मुकेश सविता मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रभावित लोगों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए नेताओं को बताया कि इस मोहल्ले में सैकड़ों दलित व पिछड़े समाज के परिवार पिछले 20 से 25 वर्षों से अपने मकान बनाकर रह रहे हैं।
विडंबना यह है कि मुख्य मार्ग से मोहल्ले में आने-जाने का जो एकमात्र रास्ता है, वह बरसात के दिनों में पूरी तरह टापू बन जाता है। मामूली बारिश होते ही यहाँ 4 से 5 फुट तक पानी भर जाता है, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो जाता है और लोगों का घरों से निकलना तक दूभर हो जाता है।
निजी जमीन स्वामी ने बंद किया रास्ता, ‘घरों में कैद’ होने के डर से सहमे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि सरकारी रास्ते की बदहाली के कारण अभी तक स्थानीय लोग मजबूरी में पास की एक निजी जमीन से होकर आ-जा रहे थे। लेकिन हाल ही में निजी जमीन के मालिक ने वहां घेराबंदी कर उस रास्ते को भी पूरी तरह बंद कर दिया है। अब मोहल्ले के सामने कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। मॉनसून और बरसात का मौसम शुरू होते ही स्थानीय निवासी इस बात को लेकर बुरी तरह डरे और सहमे हुए हैं कि वे अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हो जाएंगे। बच्चों की पढ़ाई और आपातकालीन चिकित्सा जैसी स्थितियां पूरी तरह ठप हो जाएंगी।
कल अछनेरा ब्लॉक पर होगा बड़ा प्रदर्शन, पीड़ितों के साथ जुटेंगे दिग्गज नेता
ग्रामीणों की इस नारकीय स्थिति को देखने के बाद किसान-मजदूर नेताओं ने प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने एलान किया कि इस तानाशाही और लापरवाही को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कल होने वाले इस धरने में पीड़ित परिवारों के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान, मजदूर और सामाजिक संगठन अछनेरा ब्लॉक कार्यालय पर जुटेंगे। नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक खंड विकास अधिकारी (BDO) और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर पक्के रास्ते और जल निकासी का पुख्ता आश्वासन नहीं देते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।

