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आगरा। प्रशासन की वायदाखिलाफ़ी से आक्रोशित ग्रामीणों और किसान नेताओं ने जब आज आगरा-दिल्ली नेशनल हाईवे की तरफ चक्का जाम करने के लिए दौड़ लगाई, तो प्रशासनिक गलियारों और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों ने स्थिति को संभाला और आनन-फानन में रास्ते पर मिट्टी के चार डम्पर डलवाकर गुस्साए ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया।
इससे पहले आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुबह ही किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह को उनके अर्जुन नगर स्थित आवास पर ‘हाउस अरेस्ट’ (नजरबंद) कर लिया, जिससे शाहगंज पुलिस की मौजूदगी में वे घर से बाहर नहीं निकल सके।
एसीपी और नायब तहसीलदार ने संभाली कमान, मिला आश्वासन
हाईवे जाम करने के एलान को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए एसीपी हरीपर्वत अमीषा, नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी, कानूनगो अनिल सोलंकी और रुनकता चौकी प्रभारी आशीष त्यागी दल-बल के साथ मोर्चे पर डटे रहे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और किसान नेताओं को तत्काल कार्य सुचारू रूप से कराए जाने का ठोस आश्वासन देकर बमुश्किल शांत कराया।
‘ऊंट के मुंह में जीरा’ है चार डम्पर मिट्टी: किसान नेता
हाउस अरेस्ट हुए किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह और मौके पर मौजूद धीरज सिकरवार ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“प्रशासन ने हाईवे जाम के डर से आनन-फानन में केवल चार डम्पर मिट्टी डलवाई है, जो इस बड़ी समस्या के आगे ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ के समान है। इससे इस बदहाल रास्ते का स्थाई समाधान नहीं हो सकता। अगर पूरे रास्ते की समस्या को जड़ से खत्म नहीं किया गया, तो न हम खुद चैन से बैठेंगे और न ही लापरवाह अधिकारियों को चैन से बैठने देंगे।”
सचिव वीरेंद्र सिंह के निलंबन पर अड़े ग्रामीण
जगरैला के दलित और पिछड़ा बाहुल्य मोहल्ले में रास्ते को ठीक कराने में घोर लापरवाही और उदासीन रवैया अपनाने वाले रुनकता के ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) वीरेंद्र सिंह के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। आंदोलनकारियों ने एक सुर में सचिव वीरेंद्र सिंह को तत्काल निलंबित करने की मांग दोहराई।

क्यों पैदा हुई यह स्थिति?
जगरैला-रुनकता मार्ग की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार से मोर्चा खोल रखा था, जिसमें एक दिन अछनेरा विकास खंड और तीन दिन किरावली तहसील मुख्यालय पर धरना दिया गया था। इस दौरान एसडीएम और नायब तहसीलदार ने बुधवार से मिट्टी डलवाने का वादा किया था। तय समय पर काम शुरू न होने और अधिकारियों द्वारा सुध न लेने पर ही आज ग्रामीणों ने हाईवे चक्का जाम करने का यह कदम उठाया।
प्रदर्शन में ये लोग रहे मौजूद
इस बड़े प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुमन सिकरवार, अब्बानी खान, राजकुमार, संदीप परमार, भगवान सिंह, राजू, देवेंद्र, ब्रज किशोर, राहुल कुमार, बबलू बाल्मीकि, मनोज कुमार, सुनील कुमार, पंकज, सूरज, नैतिक, रूद्र, किशन, जीतेन्द्र, विजय कुमार, नज़मा खान, नथिया देवी, संजू वर्मा, गिलोल सिंह, बाबूलाल, किताबो श्री, गीता देवी, मालती देवी, बेबी देवी, पूनम, रामवती देवी, राजमाला, बसंती देवी, उषा धाकरे, प्रीति, रजनी, मीना, लक्ष्मी देवी, रश्मि देवी, शीला, लोकेश देवी, ललिता देवी, सविता देवी और शान्ति देवी सहित सैकड़ों की संख्या में महिला व पुरुष ग्रामीण उपस्थित रहे।

