प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
अछनेरा/किरावली (आगरा)। विकास खंड अछनेरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोपऊ से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के प्राथमिक विद्यालय गोपऊ में एसएमसी (SMC) खाते से फर्जी हस्ताक्षर (फर्जी साइन) करके सरकारी धन के गबन का सनसनीखेज आरोप लगा है। विद्यालय के संयुक्त खाताधारक ने इस पूरी धांधली को लेकर आगरा के जिलाधिकारी (DM) मनीष बंसल से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की गुहार लगाई है।

फर्जी साइन कर SMC खाते से उड़ाए ₹50,000
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम गोपऊ निवासी गोरेलाल सिकरवार ने जिलाधिकारी को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि वे प्राथमिक विद्यालय गोपऊ में एसएमसी (SMC) खाते में संयुक्त खाताधारक हैं। गोरेलाल का कहना है कि उन्होंने विद्यालय के पीएफएमएस (PFMS) फॉर्म पर अपने कोई हस्ताक्षर (साइन) नहीं किए थे। इसके बावजूद, विद्यालय की प्रधानाध्यापिका भूकेश कुमारी द्वारा कथित रूप से उनके फर्जी हस्ताक्षर बनाकर खाते से लगभग ₹50,000 (पचास हजार रुपये) की धनराशि निकाल ली गई।
एमडीएम (MDM) के चेकों में भी हेराफेरी का आरोप
शिकायतकर्ता ने शिकायती पत्र में एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा भी उन्हें सूचित किया गया है कि जनवरी 2026 से 20 मई 2026 तक मिड-डे-मील (MDM) के चेकों पर भी उनके द्वारा कोई हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। इसके बावजूद फर्जी तरीके से चेक संख्या 81098 से ₹63,000 और चेक संख्या 810985 से ₹60,000 की मोटी रकम निकाल ली गई।
पूछताछ करने पर SC/ST एक्ट में फंसाने और पुलिस की धौंस देने की धमकी
पीड़ित गोरेलाल सिकरवार का आरोप है कि जब उन्होंने इस वित्तीय अनियमितता और धांधली के संबंध में प्रधानाध्यापिका भूकेश कुमारी से पूछताछ करने का प्रयास किया, तो उन्हें सीधे तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। आरोप है कि प्रधानाध्यापिका ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि “तुम्हें एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के झूठे मुकदमे में बंद करवा दूंगी, मेरा भाई पुलिस विभाग में उच्चाधिकारियों के यहाँ नौकरी करता है।” पीड़ित ने सवाल उठाया है कि क्या एसएमसी अध्यक्ष/अभिभावक होने के नाते वे विद्यालय में जाकर जवाबदेही भी नहीं मांग सकते?
साक्ष्यों के साथ DM से निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित गोरेलाल सिकरवार ने 18 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी को सौंपे इस शिकायती पत्र के साथ एमडीएम (MDM) पासबुक की छायाप्रति और पीएफएमएस (PFMS) रजिस्टर की छायाप्रति बतौर साक्ष्य संलग्न की है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। अब देखना यह होगा कि आगरा जिला प्रशासन और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) इस विवादित और आरोपी प्रधानाध्यापिका के खिलाफ क्या दंडात्मक कदम उठाते हैं।

