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किरावली तहसील में गरजे किसान व ग्रामीण: जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलियों को लेकर 3 घंटे दिया धरना, SDM को सौंपा ज्ञापन

किरावली तहसील में गरजे किसान व ग्रामीण: जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलियों को लेकर 3 घंटे दिया धरना, SDM को सौंपा ज्ञापनकिरावली तहसील में गरजे किसान व ग्रामीण: जर्जर सड़कों और क्षतिग्रस्त पुलियों को लेकर 3 घंटे दिया धरना, SDM को सौंपा ज्ञापन
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प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

रिपोर्टर कृष्ण मुरारी उपाध्याय

किरावली (आगरा)। लोक निर्माण विभाग (PWD) की उदासीनता और क्षेत्र की बदहाल सड़कों, क्षतिग्रस्त पुलियों व जानलेवा गड्ढों के विरोध में सोमवार को किसान नेताओं और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और किसान नेताओं ने किरावली तहसील मुख्यालय पर तीन घंटे तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद उप जिलाधिकारी (SDM) किरावली अभिनव पाठक को लोक निर्माण विभाग से संबंधित जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।

ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख जनसमस्याएं:

  1. क्षतिग्रस्त पुलियों का पुनर्निर्माण: किरावली-अछनेरा रोड पर स्थित गांव पुरामना में गोपऊ राजवाह नहर के पुल तथा अछनेरा-भरतपुर रोड पर स्थित गांव तुरकिया में फतेहपुर सीकरी शाखा नहर की जर्जर व टूटी-फूटी पुलियों के अतिशीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की गई।
  2. सड़क व नालियों की मरम्मत: विकास खंड अछनेरा के गांव महुअर के नाले के पुल से थापी नाले के पुल तक जर्जर सड़क की मरम्मत कराने तथा नाले के पुल से पाली सदर तक सड़क किनारे बनी टूटी-फूटी नालियों का जीर्णोद्धार कराने का मुद्दा उठाया गया।
  3. जानलेवा गड्ढे को भरने की मांग: किरावली-कागरौल रोड पर गांव मोरी के पास खारी नदी पुल के ढलान पर सड़क किनारे कच्ची पटरी कटान से पुनः बने खतरनाक और जानलेवा गड्ढे को तत्काल भरवाने की अपील की गई।

1 सप्ताह का अल्टीमेटम: समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

धरने के दौरान किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह (गांव कुकथला) और धीरज सिकरवार (गांव अकवरा) ने प्रशासन को कड़ा चेतावनी संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों को कई बार शिकायती पत्रों और ज्ञापनों के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन पीडब्लूडी की हठधर्मिता के कारण समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

“यदि लोक निर्माण विभाग ने एक सप्ताह के भीतर इन सभी जनसमस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया, तो किसान और ग्रामीण सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”

किसान नेता

धरने में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद:

धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से गंगाराम माहौर, सुमन सिकरवार, ठाकुर नवल सिंह चौहान, भूपेंद्र सिंह इंदौलिया, मुकेश सविता, हेमंत सिसोदिया, गौरी शंकर भगौर, रजनी देवी, उषा देवी, मीना देवी, नाजिमा, देवेन्द्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।

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