रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा/बांदीकुई: अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले छह महीनों से सड़क पर बैठे किसानों का धैर्य अब पूरी तरह टूट चुका है। गांव नागर में रेलवे लाइन पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहे धरने के 185वें दिन किसानों ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने घोषणा की है कि कल, 15 मई को सुबह 10 बजे आगरा-बांदीकुई रेल ट्रैक पर ‘रेल रोको आंदोलन‘ किया जाएगा।

क्या है मुख्य विवाद?
ग्रामीणों का कहना है कि वे 11 नवंबर से लगातार बेमियादी धरने पर बैठे हैं। रेलवे लाइन के पुल संख्या 31 और 32A के मध्य चक मार्ग संख्या 24 पर पुल न होने से किसानों का रास्ता बंद हो गया है।
- दूरी की मार: चकरोड बंद होने के कारण किसानों को अपने ही खेतों तक पहुँचने के लिए 4 से 5 गुना अधिक चक्कर काटना पड़ रहा है।
- आर्थिक नुकसान: लंबा रास्ता तय करने के कारण किसानों का समय और डीजल का खर्च काफी बढ़ गया है, जिससे खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है।
प्रशासन की अनदेखी से उपजा आक्रोश
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने दो टूक कहा कि 6 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा:
“प्रशासन की लापरवाही ने किसानों को पटरी पर बैठने के लिए मजबूर किया है। अब हमें पुल निर्माण के अलावा कोई विकल्प मंजूर नहीं है। किसान इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और इसके लिए वे कोई भी बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं।”
कल के आंदोलन की तैयारी
कल सुबह 10 बजे नागर रेलवे क्रॉसिंग पर भारी संख्या में किसानों के जुटने की संभावना है। धरने में मुख्य रूप से सुखपाल सिंह, सौदान सिंह, राजेंद्र सिंह, सोनू नरवार, भगवान दास, दामोदर सिंह, प्रेम सिंह, मेंबर सिंह और अजय पाल सिंह सहित कई ग्रामीण सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

