रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा: मोबाइल चोर से सांठगांठ और जीडी में एंट्री न करना दरोगा को पड़ा भारी; ‘UP LIVE 24X7’ ने प्रमुखता से उठाई थी आवाज, DCP ने 2 घंटे की जांच में लिया कड़ा एक्शन
मिढ़ाकुर/किरावली (आगरा): भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ ‘UP LIVE 24X7’ की मुहिम का एक बार फिर बड़ा और निर्णायक असर देखने को मिला है। मोबाइल चोरी के मामले में बरामदगी के बाद भी चोर पर कार्रवाई न करने और उल्टा पीड़ित के साथ ही ‘सीनाजोरी’ करने वाले किरावली थाने के दरोगा हिमांशु कटारिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने यह बड़ी कार्रवाई एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की है।

क्या था पूरा मामला? जानिए परत-दर-परत
घटनाक्रम के मुताबिक, राजस्थान के अलवर जिले के लखड़ी निवासी ट्रक चालक वसीम अपना ट्रक लेकर महुआ से कोलकाता जा रहे थे। रविवार दोपहर करीब 3:00 बजे न्यू दक्षिणी बाईपास पर महुअर पुल के पास उन्होंने टायर की जांच करने और यूरिया डालने के लिए ट्रक रोका। इसी दौरान ट्रक के केबिन से उनका ₹40,000 की कीमत का कीमती मोबाइल चोरी हो गया।
जांच और सुराग मिलने पर पता चला कि यह मोबाइल किरावली के बरोदा सदर गांव के एक युवक ने चोरी किया था। पीड़ित चालक ने इसकी सूचना यूपी 112 को दी और किरावली थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई।
चोर को छोड़ा, पीड़ित से की वसूली – लगे थे गंभीर आरोप
शिकायत मिलने के बाद दरोगा हिमांशु कटारिया पुलिसकर्मियों को साथ लेकर बरोदा सदर गांव पहुंचे और वहां से चोरी हुआ मोबाइल बरामद कर लिया। लेकिन इसके बाद दरोगा जी ने जो खेल खेला, उसने खाकी को दागदार कर दिया:
- चोर से सांठगांठ का आरोप: पीड़ित ट्रक चालक ने आरोप लगाया कि दरोगा ने मोबाइल चोर से ₹5,000 की साठगांठ करके उसे बिना किसी कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया।
- पीड़ित से भी की वसूली: इसके बाद दरोगा ने पीड़ित चालक को ही लिखापढ़ी में फंसाने का डर दिखाया और मोबाइल वापस देने के एवज में उससे भी ₹2,000 वसूल लिए।
- जीडी (General Diary) में नहीं की एंट्री: दरोगा हिमांशु कटारिया ने इस पूरे मामले को दबाने के लिए थाने की जनरल डायरी (GD) में मोबाइल बरामदगी या चोर को पकड़े जाने की कोई एंट्री तक नहीं की थी।
‘UP LIVE 24X7’ पर खबर चलते ही हिला महकमा, 2 घंटे में आई रिपोर्ट
इस गंभीर मामले को ‘UP LIVE 24X7’ ने पूरी प्रमुखता और सच्चाई के साथ जनता और आला अधिकारियों के सामने प्रकाशित किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने मामले की प्रारंभिक जांच एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को सौंप दी।
एसीपी अछनेरा ने तत्परता दिखाते हुए महज 2 घंटे के भीतर अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। जांच में यह पूरी तरह सच पाया गया कि दरोगा हिमांशु कटारिया ने मोबाइल बरामद होने के बाद भी चोर पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और न ही जीडी में इसकी कोई एंट्री की। इस गंभीर लापरवाही और नियम विरुद्ध कार्य के दोषी पाए जाने पर डीसीपी आदित्य सिंह ने दरोगा हिमांशु कटारिया को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया। हालांकि, जांच में रुपए वसूलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन नियमों के उल्लंघन पर कड़ा डंडा चला है।
विभागीय जांच शुरू, एसीपी खेरागढ़ को सौंपी कमान
दरोगा के निलंबन के बाद अब इस पूरे भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। डीसीपी वेस्ट के निर्देश पर अब आगे की कड़क विभागीय जांच एसीपी खेरागढ़ को सौंपी गई है, जो दरोगा के पूरे सेवा रिकॉर्ड और इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहराई से तफ्तीश करेंगे।
यूपी लाइव 24X7 का संकल्प: आम जनता की आवाज को दबाने वाले और वर्दी की आड़ में मनमानी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ हमारी खोजी पत्रकारिता लगातार जारी रहेगी। इस निलंबन ने साफ कर दिया है कि कमिश्नरेट पुलिस में भ्रष्टाचार और सीनाजोरी के लिए कोई जगह नहीं है।

