रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली/अछनेरा (आगरा)। ग्राम पंचायत रुनकता के जगरैला मोहल्ले के रास्ते की दुर्दशा और जलभराव को लेकर चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन अब उग्र रूप धारण कर चुका है। अछनेरा विकास खंड कार्यालय पर एक दिवसीय धरने के बाद, आज भारी संख्या में पीड़ित ग्रामीणों और किसान नेताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय का घेराव किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के न पहुंचने से नाराज महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रूनकता के विकास अधिकारी (सचिव) की गाड़ी को घेरकर उस पर चूड़ियाँ फेंकना शुरू कर दिया।
अछनेरा के बाद अब तहसील मुख्यालय पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
कल बीडीओ नहीं पहुंचे, आज सचिव वीरेंद्र सिंह को घेरा; नेताओं ने बमुश्किल निकाला बाहर
आंदोलनकारियों का आरोप है कि कल अछनेरा ब्लॉक पर प्रदर्शन के दौरान खंड विकास अधिकारी (BDO) ग्रामीणों से मिलने नहीं पहुंचे। आज जब तहसील मुख्यालय पर रूनकता के विकास अधिकारी (सचिव) वीरेंद्र सिंह पहुंचे, तो वहां मौजूद महिलाएं बुरी तरह उग्र हो गईं। महिलाओं ने सचिव की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और विरोध स्वरूप गाड़ी पर चूड़ियाँ फेंकने लगीं। मौके पर मौजूद किसान नेताओं ने स्थिति को संभाला और उनके हस्तक्षेप के बाद बमुश्किल सचिव की गाड़ी को वहां से सुरक्षित निकलवाया गया।

अछनेरा के बाद अब तहसील मुख्यालय पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
रविवार की देर शाम पहुंचे एसडीएम अभिनव पाठक और तहसीलदार, समाधान का दिया आश्वासन
तहसील मुख्यालय पर मचे इस हड़कंप और घेराव की सूचना पर, रविवार होने के बावजूद देर शाम उप जिलाधिकारी (SDO) अभिनव पाठक और तहसीलदार दीपांकार आंदोलनकारियों से मिलने पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराते हुए आश्वासन दिया कि कल (सोमवार को) मौके पर राजस्व और विकास विभाग की एक संयुक्त टीम भेजी जाएगी, जो इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेगी। हालांकि, आंदोलनकारी ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि उन्हें अब खोखला ‘आश्वासन नहीं, बल्कि सीधा समाधान’ चाहिए।
अछनेरा के बाद अब तहसील मुख्यालय पर ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन
जिला मुख्यालय का घेराव स्थगित, लेकिन तहसील पर जारी रहेगा धरना: चौधरी दिलीप सिंह
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि उपजिलाधिकारी और तहसीलदार द्वारा रास्ते की समस्या के त्वरित समाधान का आश्वासन मिलने के बाद, कल जिला मुख्यालय (कलेक्ट्रेट) पर प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और घेराव के कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। लेकिन, जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होता, तब तक तहसील मुख्यालय पर ही ग्रामीणों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
30 साल से नारकीय जीवन जी रहे सैकड़ों दलित और पिछड़े परिवार
जगरैला मोहल्ले में पिछले 25 से 30 वर्षों से सैकड़ों दलित और पिछड़े समाज के परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं। मुख्य मार्ग से आवाजाई का एकमात्र रास्ता बदहाल है, जो बरसात के दिनों में 5 से 6 फुट तक जलमग्न हो जाता है। निजी जमीन स्वामी द्वारा रास्ता बंद किए जाने के बाद से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है।
भीषण गर्मी में डटी रहीं महिलाएं, ये प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस ऐतिहासिक घेराव और धरने में भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आंदोलन में मुख्य रूप से किसान नेता धीरज सिकरवार, संगठन मंत्री कुंवरपाल सिंह, सुमन सिकरवार, बाबूलाल बाल्मीकि, मुकेश सविता, सत्यवीर चाहर, सोनू माहौर, राजकुमार, भगवान सिंह, हरिओम सिंह धाकरे, राजू, देवेंद्र, संदीप परमार, अनिल कुमार, बबलू, मोनू, सुशील कुमार, भोले राजावत, विष्णु राजावत, संजू वर्मा के साथ-साथ मालती देवी, पूनम, नाजिया बेगम, बसंती देवी, उषा धाकरे, प्रीति, रजनी, मीना, लक्ष्मी देवी, रश्मि देवी, शीला, लोकेश कुमारी और शान्ति देवी प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

