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बड़ी जीत: 186 दिनों से जारी किसानों का धरना समाप्त, रेलवे ने तुरंत जेसीबी लगाकर शुरू कराया पुल का निर्माण

ByKarmveer Singh

May 16, 2026
बड़ी जीत: 186 दिनों से जारी किसानों का धरना समाप्त, रेलवे ने तुरंत जेसीबी लगाकर शुरू कराया पुल का निर्माणबड़ी जीत: 186 दिनों से जारी किसानों का धरना समाप्त, रेलवे ने तुरंत जेसीबी लगाकर शुरू कराया पुल का निर्माण
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

नागर रेलवे क्रॉसिंग पर रेल रोकने पहुंचे उग्र किसानों और पुलिस में तीखी नोकझोंक; प्रशासन ने लिखित पत्र सौंपकर कराया शांत

किरावली/अछनेरा (आगरा):

तहसील किरावली के गांव नागर में अपनी जायज मांग को लेकर पिछले 6 महीनों से आंदोलन कर रहे अन्नदाताओं की आखिरकार बड़ी जीत हुई है। निर्माणाधीन कीथम-भांडई बाईपास तीसरी रेल लाइन के कारण बंद हुए रास्ते पर पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा धरना प्रदर्शन 186वें दिन मांगें माने जाने के बाद समाप्त हो गया। आज सुबह जब आक्रोशित किसान रेल रोकने के संकल्प के साथ पटरी की ओर बढ़े, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में रेलवे ने तत्परता दिखाते हुए दो जेसीबी मशीनें लगाकर अवरुद्ध चकमार्ग संख्या 24 पर पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।

क्रॉसिंग पर भारी गहमा-गहमी और पुलिस से तीखी नोकझोंक

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज सुबह करीब 10 बजे आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में उग्र ग्रामीण और किसान आगरा-बांदीकुई रेलवे लाइन पर गांव नागर रेलवे क्रॉसिंग पर इकट्ठा होने लगे।

किसानों के कड़े रुख को देखकर मौके पर तैनात भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें रेलवे ट्रैक पर जाने से रोक दिया। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच काफी गहमा-गहमी हुई और कई बार तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जब पुलिस ने ट्रैक पर नहीं जाने दिया, तो उग्र ग्रामीण और किसान रेलवे क्रॉसिंग के पास ही सड़क के किनारे मोर्चा लगाकर धरने पर बैठ गए, जिससे प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए।


नायब तहसीलदार ने सौंपा एडीएम प्रशासन का संस्तुति पत्र

मामले की नजाकत और किसानों के आक्रोश को देखते हुए नायब तहसीलदार शुभ्रा अवस्थी भारी पुलिस बल के साथ उग्र किसानों के बीच पहुँचीं। उन्होंने किसानों को शांत कराते हुए अपर जिलाधिकारी (एडीएम) प्रशासन द्वारा रेलवे को भेजी गई लिखित संस्तुति पत्र की छायाप्रति (कॉपी) सौंपी, जिसमें पुल निर्माण को मंजूरी दी गई थी। लिखित आश्वासन और मौके पर जेसीबी द्वारा काम शुरू होने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन वापस लिया।

क्या था मुख्य विवाद?

ग्रामीण 11 नवंबर से बेमियादी धरने पर बैठे थे। रेलवे लाइन के पुल 31 और 32A के मध्य में चक मार्ग संख्या 24 बंद होने से किसानों को अपने खेतों तक पहुँचने के लिए 4-5 गुना लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था, जिससे उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा था।


सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, मुस्तैद रही आरपीएफ और जीआरपी

रेल रोको आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए आरपीएफ (RPF) इंस्पेक्टर प्रियव्रत दहिया, ईदगाह चौकी प्रभारी एसआई गौरव सिंह, एएसआई ब्रज किशोर चाहर, जीआरपी (GRP) थाना प्रभारी विपिन कुमार तेवतिया और चौकी प्रभारी अनुज कुमार दर्जनों जवानों के साथ ट्रैक पर मुस्तैद रहे। वहीं, स्थानीय कानून व्यवस्था संभालने के लिए अछनेरा थाना इंस्पेक्टर देवेन्द्र कुमार द्विवेदी और कुकथला चौकी प्रभारी अमित बालियान भारी पुलिस फोर्स के साथ डटे रहे।

मौके पर ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

इस ऐतिहासिक जीत के अवसर पर किसान नेता धीरज सिकरवार, भारतीय दिव्यांग संगठन के बॉबी गोला, सुखपाल सिंह, सौदान सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रमोद नरवार, बलवीर सिंह, भगवान दास, दामोदर सिंह, प्रेम सिंह, मेंबर सिंह, अजय पाल सिंह, सुरेन्द्र सोलंकी, बाबूलाल बाल्मीकि, पवन नरवार, अशोक नरवार सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और किसान उपस्थित रहे।

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