• Sat. Apr 11th, 2026

UP LIVE 24X7

India #1 News Platform

किसान नेताओं के संघर्ष के आगे झुका लोक निर्माण विभाग, पुल के पास भरा गया जानलेवा गड्ढा

ByKarmveer Singh

Apr 10, 2026
किरावली (आगरा): किरावली-कागारौल मार्ग पर स्थित खारी नदी के पुल पर बना जानलेवा गड्ढा आखिरकार किसान नेताओं के लंबे संघर्ष के बाद भर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की इस कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है और जन-धन की हानि का खतरा टल गया है। आंदोलन के बाद टूटी विभाग की नींद बता दें कि गांव मोरी के पास खारी नदी के पुल पर जैँगारे की ओर ढलान पर एक खतरनाक गड्ढा हो गया था, जिससे आए दिन हादसों का डर बना रहता था। इसे ठीक कराने के लिए किसान नेताओं ने 05 मार्च को उप जिलाधिकारी किरावली दिव्या सिंह को ज्ञापन सौंपा था। समाधान न होने पर 23 मार्च को क्षेत्रीय लोगों के साथ गड्ढे में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दबाव में PWD के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने 25 मार्च को मौके पर पहुंचकर जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया था। मिट्टी के बोरों से की गई थी खानापूर्ति प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी जब 10 दिनों तक काम शुरू नहीं हुआ और विभाग ने केवल कांटेदार डालियां और मिट्टी के बोरे रखकर खानापूर्ति कर दी, तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। किसान नेताओं ने दोबारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और अब इस जानलेवा गड्ढे को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। किसान नेताओं ने जताई खुशी किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि यह संघर्ष की जीत है, जिससे अब किसी की जान जोखिम में नहीं पड़ेगी। इस सफलता पर धीरज सिकरवार, सत्यवीर चाहर, गंगाराम माहौर, भूपेंद्र इंदौलिया, मुकेश सविता, सुमन सिकरवार, मंजू वर्मा, रणबीर चाहर और अन्य नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है।किरावली (आगरा): किरावली-कागारौल मार्ग पर स्थित खारी नदी के पुल पर बना जानलेवा गड्ढा आखिरकार किसान नेताओं के लंबे संघर्ष के बाद भर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की इस कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है और जन-धन की हानि का खतरा टल गया है। आंदोलन के बाद टूटी विभाग की नींद बता दें कि गांव मोरी के पास खारी नदी के पुल पर जैँगारे की ओर ढलान पर एक खतरनाक गड्ढा हो गया था, जिससे आए दिन हादसों का डर बना रहता था। इसे ठीक कराने के लिए किसान नेताओं ने 05 मार्च को उप जिलाधिकारी किरावली दिव्या सिंह को ज्ञापन सौंपा था। समाधान न होने पर 23 मार्च को क्षेत्रीय लोगों के साथ गड्ढे में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दबाव में PWD के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने 25 मार्च को मौके पर पहुंचकर जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया था। मिट्टी के बोरों से की गई थी खानापूर्ति प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी जब 10 दिनों तक काम शुरू नहीं हुआ और विभाग ने केवल कांटेदार डालियां और मिट्टी के बोरे रखकर खानापूर्ति कर दी, तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। किसान नेताओं ने दोबारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और अब इस जानलेवा गड्ढे को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है। किसान नेताओं ने जताई खुशी किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि यह संघर्ष की जीत है, जिससे अब किसी की जान जोखिम में नहीं पड़ेगी। इस सफलता पर धीरज सिकरवार, सत्यवीर चाहर, गंगाराम माहौर, भूपेंद्र इंदौलिया, मुकेश सविता, सुमन सिकरवार, मंजू वर्मा, रणबीर चाहर और अन्य नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है।
Spread the love

रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

किरावली (आगरा): किरावली-कागारौल मार्ग पर स्थित खारी नदी के पुल पर बना जानलेवा गड्ढा आखिरकार किसान नेताओं के लंबे संघर्ष के बाद भर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की इस कार्रवाई से क्षेत्रीय लोगों ने राहत की सांस ली है और जन-धन की हानि का खतरा टल गया है।

आंदोलन के बाद टूटी विभाग की नींद

बता दें कि गांव मोरी के पास खारी नदी के पुल पर जैँगारे की ओर ढलान पर एक खतरनाक गड्ढा हो गया था, जिससे आए दिन हादसों का डर बना रहता था। इसे ठीक कराने के लिए किसान नेताओं ने 05 मार्च को उप जिलाधिकारी किरावली दिव्या सिंह को ज्ञापन सौंपा था। समाधान न होने पर 23 मार्च को क्षेत्रीय लोगों के साथ गड्ढे में बैठकर विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दबाव में PWD के सहायक अभियंता और अवर अभियंता ने 25 मार्च को मौके पर पहुंचकर जल्द काम पूरा करने का आश्वासन दिया था।

मिट्टी के बोरों से की गई थी खानापूर्ति

प्रशासनिक आश्वासन के बाद भी जब 10 दिनों तक काम शुरू नहीं हुआ और विभाग ने केवल कांटेदार डालियां और मिट्टी के बोरे रखकर खानापूर्ति कर दी, तो ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। किसान नेताओं ने दोबारा उग्र आंदोलन की चेतावनी दी, जिसके बाद विभाग हरकत में आया और अब इस जानलेवा गड्ढे को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया गया है।

किसान नेताओं ने जताई खुशी

किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने कहा कि यह संघर्ष की जीत है, जिससे अब किसी की जान जोखिम में नहीं पड़ेगी। इस सफलता पर धीरज सिकरवार, सत्यवीर चाहर, गंगाराम माहौर, भूपेंद्र इंदौलिया, मुकेश सविता, सुमन सिकरवार, मंजू वर्मा, रणबीर चाहर और अन्य नेताओं ने हर्ष व्यक्त किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *