रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
फतेहपुर सीकरी (आगरा)।
कहते हैं कि ‘खाकी’ के भीतर भी एक संवेदनशील और जांबाज दिल धड़कता है, इसे आज फतेहपुर सीकरी पुलिस ने सच साबित कर दिखाया। थाना फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के ग्वालियर गेट के पास बुधवार को अपनी जान की परवाह न करते हुए एक पुलिसकर्मी ने वो वीरगाथा लिख दी, जिसकी पूरे जिले में हर तरफ तारीफ हो रही है। चीता मोबाइल पर तैनात रिक्रूट आरक्षी (सिपाही) दीपक सोलंकी ने 25 फीट गहरे तालाब में डूब रही एक युवती को अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
चीख-पुकार सुन देवदूत बनकर पहुंचे सिपाही दीपक
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह ग्वालियर गेट के पास स्थित गहरे तालाब में अचानक एक युवती डूबने लगी। युवती को पानी में छटपटाता देख वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और वे शोर मचाने लगे। तालाब की गहराई लगभग 25 फीट होने के कारण वहां मौजूद भीड़ में से किसी की भी पानी में उतरने की हिम्मत नहीं हो रही थी।
उसी समय थाना फतेहपुर सीकरी की चीता मोबाइल वहां से गश्त करते हुए गुजर रही थी। लोगों की चीख-पुकार सुनते ही बाइक पर तैनात रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी बिना एक पल गंवाए दौड़कर मौके पर पहुंचे।
न वर्दी की परवाह की, न जान की; सीधे तालाब में लगा दी छलांग
तालाब के बीचों-बीच युवती को गहरे पानी में डूबते और जिंदगी की जंग हारते देख सिपाही दीपक ने एक सेकंड भी बर्बाद नहीं किया। उन्होंने तुरंत अपने जूते उतारे और वर्दी पहने हुए ही उफनते तालाब में छलांग लगा दी। 25 फीट गहरे पानी में उतरकर दीपक ने सूझबूझ दिखाई और रस्सी की मदद से डूब रही युवती को खींचकर किनारे तक लाया। मौके पर मौजूद थाना पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत युवती को एम्बुलेंस से इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भिजवाया, जहां उसकी हालत अब स्थिर है।
“अगर पुलिसकर्मी समय पर तालाब में नहीं कूदते, तो युवती की जान बचना नामुमकिन था। अपनी जान जोखिम में डालकर खाकी ने आज इंसानियत का सबसे बड़ा फर्ज निभाया है।”
— स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी
पुलिस कमिश्नर ने किया नकद पुरस्कार और सम्मान का ऐलान
सिपाही दीपक सोलंकी के इस अदम्य साहस और मानवता की मिसाल पेश करने वाले कार्य की गूंज उच्चाधिकारियों तक पहुंच गई है। पुलिस कमिश्नर आगरा दीपक कुमार ने सिपाही के इस जांबाज कार्य की पीठ थपथपाई और सराहना की है। कमिश्नर ने ऐलान किया है कि आरक्षी दीपक सोलंकी को इस अदम्य साहस के लिए 1000 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
आगरा पुलिस के इस मानवीय और जांबाज चेहरे को देखकर स्थानीय जनता और सोशल मीडिया पर लोग खाकी के इस जज्बे को सलाम कर रहे हैं।

