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किरावली: नगला बहरावती में विकास कार्यों पर सवाल; आधी गली में सड़क न बनने से भारी जलभराव, खुद सफाई करने को मजबूर ग्रामीणकिरावली: नगला बहरावती में विकास कार्यों पर सवाल; आधी गली में सड़क न बनने से भारी जलभराव, खुद सफाई करने को मजबूर ग्रामीण
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

किरावली (आगरा)। तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नगला बहरावती में विकास कार्यों में कथित पक्षपात के चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव की एक मुख्य गली में करीब चार महीने पहले सड़क निर्माण कार्य कराया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आधी गली में सड़क न बनने से नालियों का गंदा पानी पूरे रास्ते पर जमा हो रहा है। इस अधूरी सड़क के कारण अब पूरी बस्ती के सामने जलभराव का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

नीचा रह गया सड़क का तल, घरों के सामने बह रहा नालियों का गंदा पानी

ग्रामीणों ने बताया कि गली के जिस हिस्से में सड़क का निर्माण किया गया है, उसका तल (लेवल) ऊंचा हो गया है, जबकि अधूरा छोड़े गए हिस्से का तल काफी नीचे रह गया है। इसके चलते पूरी नाली का बदबूदार पानी इस अधूरी सड़क पर आकर जमा हो जाता है। रास्ते पर कई फीट गंदा पानी भरा होने से राहगीरों, किसानों और स्कूली बच्चों का पैदल निकलना भी दूभर हो चुका है।

अधिकारियों ने फेरा मुंह, खुद फावड़ा उठाने को मजबूर हुए गांववासी

स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलभराव की इस नारकीय समस्या को लेकर उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि अब बीमारी फैलने के डर से ग्रामीण खुद फावड़ा लेकर सड़क पर जमा कीचड़ और गंदे पानी की सफाई करने को मजबूर हैं।

“प्रधान अब प्रशासक बन गए हैं…” कहकर झाड़ा जा रहा पल्ला

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पहले तो उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया और अब यह कहकर जिम्मेदारी से बचा जा रहा है कि वर्तमान में प्रधानों को प्रशासक बना दिया गया है, इसलिए फिलहाल यह कार्य संभव नहीं है। प्रशासनिक और तकनीकी फेरबदल का बहाना बनाकर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।

ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी, शीघ्र निर्माण की मांग

गांवासियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि अधूरी सड़क का निर्माण शीघ्र पूरा कराया जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून की भारी बारिश से पहले इस मार्ग को दुरुस्त नहीं किया गया, तो पूरी बस्ती जलमग्न हो जाएगी, जिसके विरोध में वे तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

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