रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
आगरा।
थाना सिकंदरा क्षेत्र में सरेआम जुआ खेलने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आगरा पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। इस घटनाक्रम से जुड़ा एक कथित ऑडियो भी सामने आया है, जिसने खाकी की कार्यप्रणाली और जुआरियों के साथ कथित साठगांठ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से ही क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

कथित ऑडियो में सिपाही पर साठगांठ का आरोप
सामने आए कथित ऑडियो में एक शिकायतकर्ता पुलिस को सरेआम चल रहे जुए की सूचना देता सुनाई दे रहा है। बातचीत के दौरान शिकायतकर्ता ने सीधे थाने के एक सिपाही का नाम लेते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस की मिलीभगत और साठगांठ के चलते ही इलाके में बेखौफ होकर जुए का काला कारोबार फल-फूल रहा है।
थाना प्रभारी ने शिकायतकर्ता को ही बुलाया थाने
इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब कथित ऑडियो में थाना प्रभारी शिकायतकर्ता की सूचना पर तुरंत एक्शन लेने के बजाय, उलटे उसी को थाने आने के लिए कहते सुनाई दे रहे हैं। थाना प्रभारी के इस रवैये के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और निष्पक्षता पर उंगलियां उठने लगी हैं। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की सत्यता की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
संरक्षण के आरोपों से घिरी सिकंदरा पुलिस
सरेआम जुए का वीडियो और सिपाही का नाम उजागर करने वाला ऑडियो वायरल होने के बाद से जनता में यह चर्चा तेज है कि क्या जुआ संचालकों को पुलिस का आंतरिक संरक्षण प्राप्त है? लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर पुलिस की नाक के नीचे इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां कैसे संचालित हो रही थीं।
जांच के बाद होगी कार्रवाई: पुलिस अधिकारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च पुलिस अधिकारियों ने स्थिति को संभाला है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि:
- वायरल वीडियो के सटीक स्थान और घटनाक्रम की शिनाख्त की जा रही है।
- शिकायतकर्ता और पुलिसकर्मी के बीच हुए कथित ऑडियो की सत्यता की जांच कराई जा रही है।
आधिकारिक रुख:
पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो पाएगी। यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की संलिप्तता या लापरवाही उजागर होती है, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
