रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ
किरावली/अछनेरा (आगरा)। आगरा से बांदीकुई तक रेल लाइन के दोहरीकरण (Double Line) के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र के किसानों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया है। रेलवे द्वारा वर्तमान वर्ष 2026 में किए जा रहे भूमि अधिग्रहण के लिए करीब 9 साल पुराने यानी 2017 के सर्किल रेट से मुआवजा देने की तैयारी है, जिसे किसानों ने सरासर नाइंसाफ़ी करार दिया है। इस गंभीर मुद्दे पर अगली रणनीति और आर-पार की लड़ाई का शंखनाद करने के लिए कल 21 जून (दिन रविवार) को सुबह 10 बजे गांव नागर में एक विशाल किसान पंचायत बुलाई गई है।
9 साल पुराने रेट पर मुआवजा… किसानों को बर्दाश्त नहीं
किसान-मजदूर नेताओं और प्रभावित किसानों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि आज के समय में जमीन की बाजार कीमत काफी बढ़ चुकी है। ऐसे में रेलवे द्वारा प्रभावित किसानों को 9 वर्ष पूर्व के सर्किल रेट से मुआवजा दिया जाना उनके साथ बड़ा धोखा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि इस नाइंसाफ़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जब तक वर्तमान बाजार मूल्य (Market Rate) के हिसाब से उचित मुआवजा तय नहीं होता, तब तक लड़ाई जारी रहेगी।
रेलवे लाइन के दोनों ओर के सैकड़ों किसान होंगे प्रभावित
उत्तर मध्य रेलवे (NCR) द्वारा प्रस्तावित इस दोहरीकरण परियोजना के कारण रेलवे लाइन के दोनों ओर स्थित दर्जन भर से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की कृषि भूमि प्रभावित हो रही है। इस अधिग्रहण की जद में आने वाले मुख्य गांवों में शामिल हैं:
- जोगी पुरा, मंघटई, बिचपुरी
- चौहटना, अंगूठी, नागर, सहाई, सहता, रायभा
- अछनेरा, नगला अरुआ, मांगरोल जाट और गोबरा आदि।
महापंचायत के लिए गांव-गांव जनसंपर्क, भारी भीड़ जुटने की उम्मीद
किसान-मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह ने बताया कि कल 21 जून को होने वाली इस किसान पंचायत को ऐतिहासिक और निर्णायक बनाने के लिए प्रभावित ग्रामीणों व किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है और उनसे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की गई है।
इसी क्रम में महापंचायत की तैयारियों को लेकर किसान नेता सत्यपाल सिंह जुरैल और मुखत्यार सिंह सोलंकी ने अपनी टीमों के साथ मांगरोल जाट, झारिया नगरा, गोबरा आदि गांवों में धुआंधार जनसम्पर्क कर किसानों को एकजुट किया और कल सुबह 10 बजे नागर पहुंचने का आह्वान किया।

