• Tue. Jul 7th, 2026

UP LIVE 24X7

India #1 News Platform

किरावली तहसील में तीखा विरोध: गले में तख्तियां लटकाकर SDM दफ्तर पहुंचे भोज कुमार फौजी, बोले— "मैं भी भारत तिवारी हूं, न्याय दो या कर दो एनकाउंटर"किरावली तहसील में तीखा विरोध: गले में तख्तियां लटकाकर SDM दफ्तर पहुंचे भोज कुमार फौजी, बोले— "मैं भी भारत तिवारी हूं, न्याय दो या कर दो एनकाउंटर"
Spread the love

प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

रिपोर्टर कृष्ण मुरारी उपाध्याय

किरावली (आगरा)। गरीब, असहाय और शोषित लोगों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर ताजनगरी के जाने-माने समाजसेवी एवं पत्रकार भोज कुमार फौजी ने बेहद अनोखे और कड़े अंदाज में किरावली प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद की है। गुरुवार दोपहर वह अपनी छाती और पीठ पर विरोध की तख्तियां लटकाकर सीधे उपजिलाधिकारी (SDM) किरावली के कार्यालय पहुंच गए, जिससे पूरे तहसील परिसर में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई।

“भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लड़ना अपराध है तो हां, मैं अपराधी हूं”

क्षेत्र के दो गरीब परिवारों के जमीनी विवादों में लगातार हो रही प्रशासनिक अनदेखी और न्याय में हो रही देरी से आहत होकर भोज कुमार फौजी पीड़ितों को साथ लेकर पहुंचे थे। उन्होंने अपनी छाती और पीठ पर जो तख्तियां लटका रखी थीं, उन पर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लिखा था:

छाती की तख्ती पर दर्ज था: “अन्याय के खिलाफ लड़ने की सजा यदि मौत है तो मुझे मौत स्वीकार है, मैं भी भारत तिवारी हूं, मुझे न्याय दो या कर दो मेरा एनकाउंटर।”

पीठ की तख्ती पर लिखा था: “भ्रष्ट, दमनकारी और अन्यायपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना यदि अपराध है तो हां, मैं अपराधी हूं।”

नायब तहसीलदार से बात करने से किया इंकार, दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे

प्रदर्शन के दौरान एसडीएम की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार राजपाल यादव पीड़ितों की शिकायत सुनने और फौजी को समझाने पहुंचे। लेकिन भोज कुमार फौजी ने उनसे बातचीत करने से साफ इंकार कर दिया। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जब तक स्वयं एसडीएम मौके पर आकर पीड़ितों की दर्दभरी दास्तान नहीं सुनेंगे, तब तक वह अपनी शिकायत किसी और को नहीं सौंपेंगे। इसके बाद वह कार्यालय परिसर के बाहर ही धरने पर बैठ गए।

समर्थकों की भीड़ बढ़ी तो पहुंचे SDM, दिया त्वरित समाधान का आश्वासन

जैसे ही पत्रकार और समाजसेवी भोज कुमार फौजी के धरने पर बैठने की खबर फैली, तहसील परिसर में उनके समर्थकों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटना शुरू हो गई। स्थिति की गंभीरता और बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए एसडीएम किरावली तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने धरने पर बैठे भोज कुमार फौजी और पीड़ित परिवारों से गहन वार्ता की, उनकी लिखित शिकायतें लीं और मामले के शीघ्र व नियमानुसार निष्पक्ष समाधान का पुख्ता आश्वासन दिया।

जांच के नाम पर गरीबों का उत्पीड़न बंद करे प्रशासन: भोज कुमार फौजी

एसडीएम के सामने अपनी बात रखते हुए भोज कुमार फौजी ने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर केवल गरीबों और कमजोर लोगों को ही दफ्तरों के चक्कर कटवाकर परेशान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि प्रशासनिक अधिकारियों को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि खुद मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि शोषितों और असहायों के अधिकारों के लिए उनका यह संघर्ष और लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

प्रदर्शन में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद:

इस तीखे विरोध प्रदर्शन और घेराव के दौरान मुख्य रूप से हर्ष शर्मा, ऋतिक इंदौलिया, कैप्टन लखेंद्र सिंह, मनवीर फौजी, रविंद्र फौजी, राजू इंदौलिया, अज्जू इंदौलिया, विवेक सोलंकी, भरत कुंतल, गौरव ठाकुर, सत्यवीर इंदौलिया और राजबाला कर्दम सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और समर्थक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *