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अधिवक्ताओं का प्रदर्शन: किरावली तहसील में पीपीपी मॉडल के विरोध में वकीलों ने अर्धनग्न होकर किया उग्र प्रदर्शन, कामकाज ठपअधिवक्ताओं का प्रदर्शन: किरावली तहसील में पीपीपी मॉडल के विरोध में वकीलों ने अर्धनग्न होकर किया उग्र प्रदर्शन, कामकाज ठप
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रिपोर्ट: प्रदीप चौधरी चैनल हेड UP Live 24X7 खबर सच के साथ

किरावली (आगरा)। किरावली तहसील परिसर में मंगलवार को पीपीपी मॉडल के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन बेहद उग्र रूप में देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से हड़ताल पर बैठे वकीलों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ तीखा आक्रोश जताते हुए अर्धनग्न होकर जमकर नारेबाजी की। इस उग्र प्रदर्शन के कारण तहसील में राजस्व, रजिस्ट्री और अदालती मुकदमों से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप हो गए।

न्याय प्रणाली और वकीलों के हितों के खिलाफ है पीपीपी मॉडल

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में एकजुट होकर पीपीपी मॉडल के खिलाफ आवाज बुलंद की। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का स्पष्ट कहना है कि न्याय प्रणाली में पीपीपी (सार्वजनिक-निजी भागीदारी) मॉडल को लागू करना वकीलों के हितों के साथ-साथ आम जनता के लिए भी बेहद नुकसानदेह साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी जायज मांगों को लगातार अनसुना कर रहा है, जिससे वकीलों में भारी नाराजगी है।

मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल, धैर्य की परीक्षा न ले प्रशासन

धरने को संबोधित करते हुए अधिवक्ताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक पीपीपी मॉडल के इस फैसले को पूरी तरह से वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका संघर्ष और अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। वकीलों ने दो टूक कहा कि शासन-प्रशासन उनके धैर्य की परीक्षा न ले। इस अर्धनग्न प्रदर्शन को प्रशासन के लिए एक बड़े अल्टीमेटम के तौर पर देखा जा रहा है।

रजिस्ट्री, मुकदमे और जमीनी विवाद अटके; जनता परेशान

लंबे समय से चल रही इस हड़ताल के कारण तहसील आने वाले आम नागरिकों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जमीनी विवाद, बैनामा-रजिस्ट्री और विभिन्न मुकदमों की तारीखें लगातार आगे बढ़ रही हैं। दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोग बिना काम कराए ही वापस लौटने को मजबूर हैं, जिससे राजस्व से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

प्रदर्शन में ये प्रमुख अधिवक्ता रहे मौजूद

मंगलवार को हुए इस उग्र प्रदर्शन में मुख्य रूप से ताराचंद, मुनेश लवानिया, रामनिवास शर्मा, ब्रजमोहन, नरेंद्र प्रताप, यशपाल सहित बड़ी संख्या में तहसील के पदाधिकारी, वरिष्ठ वकील और युवा अधिवक्ता उपस्थित रहे।

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